Thursday, April 16, 2026
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बजरी आंदोलन ने चार दिन बाद फिर पकड़ी रफ्तार…

ग्रामीणों ने नदी में लगाए टेंट व सामूहिक भोजन शुरू किया


Deoli News 24 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) हनुमान नगर थाना क्षेत्र के समीप गांगीथला गांव में ग्रामीणों ने चार दिन की शांति के बाद पुनः बजरी के लिए आंदोलन शुरू कर दिया है। एक तरफ ग्रामीण बजरी खननकर्ताओं से सस्ती दर पर बजरी की मांग कर रहे हैं, वहीं बजरी खननकर्ता सस्ती दरों पर बजरी देने के मूड में नहीं है।

दोनों ही पक्षों की जिद के चलते पुलिस अधिकारियों सहित पुलिसकर्मियों को भरी दोपहर में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांगीथला प्रशासक गुड़िया देवी रमेश खटाणा की मौजूदगी में नदी के पेटे में मौजूद महिलाओं ने बताया कि बजरी खननकर्ताओं के साथ-साथ प्रशासन ने ग्रामीणों को मूर्ख समझ रखा है। पूर्व में भी दो बार आंदोलन किया, तब प्रशासन ने दो दिन में समस्या समाधान करने का वादा कर हमें समझाकर वापस भेज दिया, लेकिन इस बार हम आर पार की लड़ाई लड़ने के मूड में है।

इस बार प्रशासन के कहने से नहीं मानेंगे, जब तक खननकर्ता स्वयं आकर हमें सस्ती दर पर बजरी उपलब्ध करवाने की बात नहीं करेंगे। ग्रामवासियों ने नदी पेटे में ही टेंट लगा लिए हैं तथा वहीं पर भोजन बनाने की तैयारी में जुट गए हैं।

बजरी खननकर्ताओं की हठधर्मिता से अटके सरकारी काम

ग्रामीणों का आरोप है कि बजरी नदी के किनारे बसे ग्रामीण भी बजरी के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है की बजरी खननकर्ताओं ने ग्रामीणों पर बजरी ले जाने पर पाबंदी लगा दी है, इसके लिए बनास नदी में अवैध तरीके से रोड का निर्माण भी करवा लिया है, ताकि गांव वाले ट्रेक्टर लेकर रोड क्रॉस नहीं कर सकें। ग्रामीणों सहित सरपंच का आरोप है कि बजरी की उपलब्धता नहीं होने से गांव में सभी विकास कार्य अटके हुए हैं।

वहीं ग्रामीण भी किसी भी तरह का निर्माण नहीं कर सकते हैं। सरपंच का कहना है कि एक ओर सरकार द्वारा दबाव दिया जा रहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना को गति देकर कार्य पूर्ण करवाया जाए, वहीं दूसरी ओर बजरी की उपलब्धता नहीं होने से सभी आवास अटके पड़े हैं। इसी प्रकार गांव में नाली निर्माण, विद्यालय भवन का निर्माण, सीसी सड़क का निर्माण तथा गांगीथला गांव के समीप दूर की माताजी का रोड निर्माण भी बजरी के कारण अधूरा पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि बनास नदी में बजरी खनन के लिए किसी भी प्रकार की जेसीबी और एलएनटी मशीन की अनुमति नहीं होने के बावजूद नदी में दर्जनों एलएनटी मशीन द्वारा बजरी खनन किया जा रहा है।

जबकि पर्यावरण की दृष्टि से ऐसा करने का प्रावधान ही नहीं है। नदी में उच्च क्षमता युक्त मशीनें लगाकर नदी का सीना छलनी किया जा रहा है। जिससे आसपास के लोगो के पानी के कुएं सूखने के कगार पर हैं। दिन रात बजरी के ओवर लोड डंपर, ट्रक बिना नंबरों के सड़कों पर दौड़ रहे हैंं, जिन्हे 4 थानों की पुलिस जहाजपुर, पंडेर, शकरगढ़, हनुमाननगर थाना और परिवहन विभाग रोकने में नाकाम हैं। खनिज विभाग सहित अधिकारी की मिलीभगत के चलते बेखौफ खनन कार्य जारी है। ओवरलोड के चलते करोड़ों से बनी सड़कें दम तोड रही हैं। वहीं सरकार को लाखों रूपयों का चूना लगाया जा रहा है।

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