महाआरती ने बढ़ाई शोभा, धार्मिक महत्व में लगाए चार चांद
@आशीष बागड़ी
Deoli News 21 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) देवली शहर के समीप बोरड़ा गांव में स्थित गणेश मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन का केंद्र बनता जा रहा है। बनास नदी के तट पर स्थित इस मंदिर की धार्मिक महत्ता के साथ-साथ इसकी सुंदरता और आकर्षण भी बढ़ता जा रहा है। पिछले कई वर्षों से इस मंदिर में विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे यहां के प्रति श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और भावनाओं में बढ़ोतरी हुई है।
मंदिर समिति की ओर से यहां हर वर्ष नए विकास के काम किए जा रहे हैं, जिनमें प्लेटफार्म, कवर्ड प्लेटफार्म, रसोई घर, टीन शेड, वाटर कूलर आदि का निर्माण किया जा चुका है। इन सब के पीछे दानदाताओं का सहयोग रहा है। वही बनास नदी में होने वाली बोटिंग भी लोगों को खूब आकर्षित कर रही है। इसके अलावा, यहां निर्मित मंगल वाटिका भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है, जहां टॉय ट्रेन, झूले, चकरी, हरी घास और पेड़-पौधे लोगों को आकर्षित करते हैं। भगवान गजानंद, हनुमानजी और शिवजी के दर्शन के बाद लोग उक्त मंगल वाटिका में जाने से नहीं चूकते हैं। लिहाजा सरकार और पर्यटन विभाग को इसके विकास पर विचार करना चाहिए।
मां बनास आरती ने बढ़ाया धार्मिक महत्व
हाल ही में देवली के समाजसेवकों और श्रद्धालुओं ने बनास नदी के तट पर मां गंगा की तर्ज पर आरती की शुरुआत की, जो प्रदेश में पहला मौका होगा। जब किसी नदी की इस तरह से आरती की गई। शंखनाद के साथ शुरू हुई आरती ने सनातन धर्म के लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया और हरिद्वार में होने वाली मां गंगा की आरती का रूप प्रदर्शित किया। इस आरती के साथ बोरड़ा गणेश मंदिर धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन का केंद्र बनता जा रहा है और लोगों को आकर्षित कर रहा है। यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्ता का केंद्र है, बल्कि यह एक सुंदर एवं पवित्र पर्यटन स्थल भी बनता जा रहा है। हजारों वर्षों से मां बनास अपनी गोद में बसे लाखों लोगों को पाल रही है। ऐसे में यह आरती उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करती है।
इस मंदिर की विशेषता यह है कि यह बनास नदी के तट पर स्थित है, जो यहां की प्राकृतिक सुंदरता को और भी बढ़ाता है। मंदिर के आसपास के क्षेत्र में कई पेड़-पौधे और हरी-भरी घास है, जो यहां के वातावरण को शांत और सुंदर बनाते हैं। बोरड़ा गणेश मंदिर एक ऐसा स्थल है, जो धार्मिक आस्था और पर्यटन का सुंदर मेल है। यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्ता का केंद्र है।



