भक्त प्रह्लाद चरित्र सुनाया
Deoli News 29 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के एजेंसी क्षेत्र स्थित पशु चिकित्सालय के सामने आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन रविवार को कथावाचक पं बनवारी लाल शास्त्री ने ऋषभदेव जन्म, जड़ भरत कथा, अजामिल उपाख्यान और भक्त प्रह्लाद चरित्र का वर्णन किया।
कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ लिया। कथा के दौरान शास्त्री ने बताया कि भगवान की भक्ति में आयु का कोई बंधन नहीं होता, जैसा कि भक्त प्रह्लाद ने सिद्ध किया। उन्होंने अजामिल की कथा के माध्यम से नाम संकीर्तन की महिमा पर प्रकाश डाला। कथा के मुख्य आकर्षण के रूप में नृसिंह भगवान की अत्यंत सुंदर और सजीव झांकी सजाई गई, जिसका उपस्थित भक्तों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। नृसिंह अवतार के दर्शन के दौरान पूरा पंडाल जयकारों से गुंजा। शास्त्री ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर भक्तों की रक्षा करते हैं।
कथा के समापन पर महाआरती का आयोजन किया गया। सोमवार को कथा के चौथे दिन भगवान राम चरित्र एवं श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया जाएगा।


