Deoli News 18 दिसंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक पं महेन्द्र कुमार कौशिक ने रामावतार की कथा सुनाई और उनके चरित्र व आदर्श पर चलने की बात कही। कथा में उन्होंने कहा कि भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अब तक हुए 24 अवतारों में सबसे अधिक लोकप्रिय है।
उन्होंने न्याय, धर्म, सहनशीलता, त्याग, तपस्या और भक्ति के मार्ग पर चलते हुए प्राणीमात्र को शिक्षा दी। श्रीराम ने कई राक्षसों का वध किया। उन्होंने रावण जैसे अभिमानी को भी अपनी ग़लती सुधारने का मौका दिया था। लेकिन नहीं समझने पर अंत में उसका वध किया। भगवान श्रीराम के जीवन से हमें शिक्षा लेकर अपने जीवन में चरितार्थ करना चाहिए। सोमवार की कथा में श्रीराम भगवान के जन्म से लेकर श्रीराम जानकी विवाह, सीता हरण, लंका पर चढ़ाई सहित रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ का वध, श्रीराम द्वारा सीता का त्याग व लव कुश की कथा सुनाई। उन्होंने अजामिल मोक्ष की कथा, भगवान विष्णु द्वारा वामन अवतार लेकर राजा बलि की परीक्षा लेने की कथा और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाई।
मंगलवार की कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाललीला, राक्षसों के वध और गोप ग्वालों के साथ लीला करने के प्रसंग सुनाई जाएंगे।


