Thursday, October 29, 2026
No menu items!
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeBusinessरवि पुष्यामृत महासंयोग, खरीदारी और निवेश के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त

रवि पुष्यामृत महासंयोग, खरीदारी और निवेश के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त

मिनी धनतेरस के रूप में मनेगा विशेष संयोग


Deoli News 29 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) इस वर्ष एक नवंबर रविवार को रवि पुष्यामृत महासंयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ संयोग में जमीन-जायदाद, मकान, वाहन, वस्त्र, स्वर्ण आभूषण और बही-खाते की खरीदारी के साथ नए व्यापार की शुरुआत एवं निवेश करना शुभ माना जाता है।

मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान टोंक के निदेशक बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि कार्तिक कृष्ण सप्तमी और भानु सप्तमी के दिन सुबह 5:39 बजे से पुष्य नक्षत्र का शुभारंभ होगा। इस दौरान श्रीवत्स योग के साथ साध्य योग दोपहर 2:39 बजे तक रहेगा, जिसके बाद शुभ योग बनेगा। पुष्य नक्षत्र 2 नवंबर सोमवार को सुबह 4:30 बजे तक विद्यमान रहेगा। ऐसे में रविवार को दिनभर और रात्रि में रवि पुष्यामृत का विशेष संयोग रहेगा। इसे मिनी धनतेरस के रूप में भी जाना जाता है।

शास्त्री ने बताया कि इस अवधि में माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा-अर्चना, मंत्र जाप, धार्मिक अनुष्ठान एवं आध्यात्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है। गाय को चारा, गुड़ और चने की दाल खिलाने तथा जरूरतमंदों को दान करने से पुण्य लाभ प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन कार्यों से सुख-समृद्धि और आर्थिक उन्नति के लिए शुभ फल प्राप्त होते हैं। हालांकि, इस अवधि में विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। शास्त्री के अनुसार एक नवंबर को चर चौघड़िया सुबह 8:03 से 9:26 बजे तक रहेगा। लाभ एवं अमृत चौघड़िया सुबह 9:26 से दोपहर 12:10 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा। शुभ चौघड़िया दोपहर 1:33 से 2:55 बजे तक रहेगा।

शाम को शुभ एवं अमृत चौघड़िया 5:41 से रात 8:56 बजे तक तथा चर चौघड़िया रात 8:56 से 10:33 बजे तक रहेगा। रवि पुष्यामृत महासंयोग में खरीदारी, नए व्यापार की शुरुआत, निवेश, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करना विशेष शुभ माना जाता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here