5.72 लाख के पुराने ठेके की तुलना में 48 लाख के नए टेंडर पर जताई आपत्ति, अध्यक्ष पर पार्षदों से दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाने का
Deoli News 28 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) नगर पालिका देवली के करीब सवा महीने पहले नवगठित बोर्ड में वार्षिक लाइट रिपेयर के टेंडर को लेकर विवाद सामने आया है। बुधवार को नगर पालिका उपाध्यक्ष नेमीचंद जैन ने पालिका कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर करीब 48 लाख रुपये के नए टेंडर पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कम राशि के कार्य को कई गुना अधिक राशि में करवाने से नगर पालिका पर अनावश्यक वित्तीय भार पड़ेगा। पत्रकार वार्ता के दौरान जैन के अनुसार एक अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक के लिए वर्तमान लाइट रिपेयर ठेका 47 हजार 700 रुपए प्रतिमाह की दर से दिया गया है, जिसकी सालाना राशि करीब 5.72 लाख रुपए होती है। इसके मुकाबले नए टेंडर की राशि लगभग 48 लाख रुपए बताई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नए टेंडर में देवली के 35 वार्डों में नई रोड लाइट लगाने, बिजली के पोल और तार लगाने की फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है तो इतनी बड़ी राशि खर्च करने का औचित्य क्या है। उनके अनुसार इन कार्यों का खर्च भी नगर पालिका फंड से ही किया जाएगा। उपाध्यक्ष ने कहा कि नए टेंडर में रिपेयर सामग्री ठेकेदार की होने की शर्त जोड़ी गई है।
जबकि उनके अनुसार लाइट की कंपनी की ओर से भी निर्धारित अवधि की वारंटी दी जाती है। वही खराब होने पर लाइट भी बदली जाती है। उन्होंने इस आधार पर टेंडर की राशि और शर्तों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब पोल नहीं लग रहे हैं। वायर नहीं खींचा जा रहा है, लाइट पालिका डालेगी तो फिर इतने महंगे टेंडर का क्या मतलब।
बैठक में प्रस्ताव निरस्त होने का दावा
नेमीचंद जैन ने दावा किया कि पिछले दिनों नगर पालिका की बैठक में मीडिया की मौजूदगी में टेंडर निरस्त करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया था। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार पारित प्रस्ताव को विशेष परिस्थितियों को छोड़कर तीन महीने तक नहीं बदला जा सकता। इसके बावजूद उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि पर पार्षदों के घर जाकर उन्हें भ्रमित कर रहे हैं और दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं।
उपाध्यक्ष जैन ने बताया कि पत्रकारों की ओर से बैठक की कार्यवाही (प्रोसिडिंग) और जी-शेड्यूल की प्रति मांगे जाने पर उन्होंने कहा कि ये दस्तावेज उन्हें भी नगर पालिका से उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं। वही पालिका उपाध्यक्ष ने इस विरोध के बावजूद टेंडर जारी होने की बात पर उन्होंने आगे की रणनीति के संबंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। बस उन्होंने कहा कि 3 महीने पहले बोर्ड बैठक का प्रस्ताव निरस्त नहीं हो सकता। उन्होंने आशंका जताई कि इस मामले से विधायक की छवि भी प्रभावित हो सकती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में उन्होंने अभी तक विधायक से बातचीत नहीं की है। इस दौरान पार्षद ललित तेजी और विनोद तेजी भी मौजूद थे।



