निजीकरण का विरोध
Deoli News 2 अप्रैल (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राजस्थान विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से बुधवार को देवली में मुख्यमंत्री एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा के नाम देवली सहायक अभियंता को ज्ञापन सौपा गया।
ज्ञापन में बताया कि विद्युत क्षेत्र में उत्पादन प्रसारण एवं वितरण निगम में विभिन्न प्रक्रियाओं एवं मॉडल के नाम पर अंधाधुन निजीकरण किया जा रहा है। जिसका संघर्ष समिति विरोध कर रही है। वही इस निजीकरण पर रोक लगाने के लिए कई बार आग्रह किया गया। लेकिन इस विषय पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए। ज्ञापन में बताया कि विद्युत क्षेत्र का निर्माण संचालक राज्य सरकार द्वारा निगम के माध्यम से होता है। लिहाजा उद्योग धंधों के विकास, कृषि व घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दैनिक आवश्यकता के लिए बिजली का उपयोग किया जाता है। सरकार द्वारा इस विद्युत क्षेत्र का संचालन बिना लाभ हानि के सिद्धांत पर किया जा रहा है।
लेकिन अब इस लोककल्याणकारी भावना को छोड़कर विद्युत क्षेत्र को लाभ हानि के आधार पर बढ़ाया जा रहा है और भिन्न-भिन्न प्रक्रियाओं एवं मॉडल के नाम पर निजीकरण किया जा रहा है। जिसका राजस्थान विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति विरोध कर रही है। ज्ञापन में निजीकरण का तीन अहम बिंदुओं से विरोध व्यक्त किया गया। साथ ही निजीकरण पर रोक लगाने एवं नए कर्मचारियों की भर्ती कर ग्रिड सब स्टेशनों एवं तापीय विद्युत उत्पादन गृह का संचालन निगम कर्मचारियों के माध्यम से करवाने की मांग की। ऐसा नहीं करने पर कर्मचारियों ने आंदोलन का रुख करने की चेतावनी दी है।



