Deoli News 4 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) आवा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के छठे दिन रुक्मणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास पं ऋषिराज शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, कंस वध, मथुरा गमन एवं द्वारका स्थापना के प्रसंग सुनाए।
रुक्मणी विवाह प्रसंग के दौरान कथा पांडाल जयकारों से गूंज उठा। कथा व्यास ने कहा कि रुक्मणी और भगवान श्रीकृष्ण का विवाह जीवात्मा और परमात्मा के अलौकिक मिलन का प्रतीक है। इस अवसर पर श्रीकृष्ण-रुक्मणी की मनमोहक झांकी सजाई गई तथा गाजे-बाजे के साथ भगवान की बारात निकाली गई। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की और मंगल गीतों व भजनों पर महिला-पुरुष श्रद्धालु झूमते नजर आए। मुख्य यजमान सहित ग्रामवासियों ने व्यासपीठ का पूजन कर आरती की। कथा विश्राम के बाद श्रद्धालुओं को माखन-मिश्री एवं छप्पन भोग का प्रसाद वितरित किया गया।



