लागू करने की मांग, ज्ञापन सौपा
Jahazpur News 22 अगस्त (आज़ाद नेब) सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को सही ठहराते हुए इसे लागू करने की मांग को लेकर नवयुवक मंडल वाल्मीकि समाज ने गुरूवार को मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी सुरेंद्र बी पाटीदार को ज्ञापन सौंपा है।

ज्ञापन में बताया कि राजस्थान में राजनितिक, सामाजिक, आर्थिक एवं प्रशासनिक समेत हर दृष्टि से कमजोर वाल्मीकि, मेहतर, सांसी, कंजर, नट, ढोली, बाजीगर सपेरा, मदारी, कालबेलिया, बावरी, भांड, धानक, कामड व अन्य (राज्य सरकार सर्वे के बाद इसके लिए उपयुक्त) आदि वे अतिपिछड़ी हुई जातियां है। जिनके साथ अधिकतर छुआछूत, जातीय उत्पीड़न, मारपीट, हत्या, बलात्कार जैसी घटनाएं होती रहती है। इनका सर्वे करवाकर इनको सम्मिलित रूप से एससी के कुल आरक्षण में से 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए। वहीं शेष बचे 50 प्रतिशत आरक्षण में, (क्रीमीलेयर के रूप में चिन्हित शेष SC की उपजातियों एवं उप वर्गीकरण में चयनित वंचित उप-जातियों), दोनों को शेष बचे आरक्षण में (सम्पूर्ण SC जातियों) के लिए समान अवसर रखे।
इसके अलावा उप वर्गीकृत उप-जातियों के लिए आरक्षित किसी पद पर यदि उम्मीदवार ना हो तो नियमानुसार निर्धारित अवधि तक केरी फॉरवर्ड करने के बाद, एससी में से उप वर्गीकरण में शेष रही एससी केटेगरी से ही उन पदों को भरा जाए। एससी की कुछ जातियों का आरक्षण में तो उप वर्गीकरण करे, लेकिन शेष जातियों को क्रीमीलेयर बताकर उन्हें इस वर्ग से बाहर नहीं करे, बल्कि उन्हें उसी वर्ग में रखते हुए, उप वर्गीकृत जातियों की खाली सीटो का एक निर्धारित समय सीमा के बाद लाभ मिलना चाहिए। किसी भी स्थिति में वे सीटे सामान्य वर्ग को हस्तांतरित नहीं होनी चाहिए।
इस दौरान जीवनराम घारू, ब्रिजेश घारू, पंकज घारू, हेमराज घारू, ओमप्रकाश घारू, रवि कुमार घारू, दुर्गा लाल, नीरज घारू, अजय घारू किशन घारू, बबलू घारू, अमित कुमार, कमलेश कुमार, प्रमोद कुमार, नगजीराम प्रकाश चन्द्र, विनोद मौजूद थे।


