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HomeAdministrationविद्युत निगमों के निजीकरण का विरोध, ओपीएस की मांग

विद्युत निगमों के निजीकरण का विरोध, ओपीएस की मांग

विद्युत निगम कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार


Deoli News 25 नवंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) प्रदेश में विद्युत निगम के निजीकरण का विरोध करने सहित मांगों को लेकर सोमवार को राजस्थान विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में देवली में निगम कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया और कार्य बहिष्कार कर अपना विरोध जताया।

संघर्ष समिति के कर्मचारी प्रतिनिधि बाबूलाल यादव ने बताया कि प्रदेश में विद्युत निगम का अंधाधुंध निजीकरण किया जा रहा है। कर्मचारियों का उक्त निजीकरण का पुरजोर विरोध है। राज्य सरकार ने तापीय विद्युत उत्पादन गृहों को निजी हाथों में सौंपने का प्रयास किया है, जो कि राज्य की विद्युत आपूर्ति में आत्मनिर्भरता को खतरे में डाल सकता है। वही निजीकरण करने से कुशल बेरोजगारों को कम वेतन मिलेगा और उनका शोषण होता। इसके अलावा किसानों को भी उच्च दर पर बिजली मिलेगी। जिससे महंगाई बढ़ेगी। लोगों का जीना दुश्वार होगा। ज्ञापन में बताया कि ओपीएस योजना के संबंध में कर्मचारी को पिछले एक वर्ष योजना का फॉर्म भराकर सदस्य बनाया गया।

लेकिन अभी तक ओपीएस का लाभ नहीं मिल पाया। इसे लेकर कर्मचारियों ने सहायक अभियंता डीके जैन को ज्ञापन सौपा और विद्युत क्षेत्र में सभी प्रकार के निजीकरण पर रोक लगाने, नए कर्मचारियों की भर्ती कर ग्रिड सब स्टेशनों, तापीय विद्युत उत्पादन गृह का संचालन निगम कर्मचारियों के जरिए करने तथा ओपीएस योजना को पूरी तरह से पालन कर ईपीएफ कटौती बंद कर जीपीएफ कटौती चालू करने की मांग की गई। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और कार्य बहिष्कार किया। बाबूलाल ने बताया कि सोमवार को यह उपखंड स्तर का विरोध प्रदर्शन है।

इसके बाद 29 नवंबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन और विरोध जताया जाएगा। वहीं उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो लोकतांत्रिक श्रमिक आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसी तरह उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया गया।

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