Deoli News 25 फरवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) बारां जिले की शिक्षिका हेमलता वर्मा को पूजन प्रकरण में निलंबन किए जाने के बाद प्रदेश के दलित, आदिवासी, अंबेडकरवादी व संवैधानिक मूल्यों में विश्वास करने वाले समाज में नाराजगी है।
इस समाज ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसकी निंदा की। देवली में अंबेडकर विचार मंच के अध्यक्ष राज बहादुर रेगर की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने बताया कि उक्त कार्रवाई शिक्षा मंत्री की तानाशाही और मनमर्जी को दर्शाता है। शिक्षा मंत्री को संवैधानिक नियमों की पालना करनी चाहिए। जब विद्यालयों में धार्मिक शिक्षा, पूजा, पाठ पर प्रतिबंध है तो यह मनमर्जी और तानाशाही क्यों की गई। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी बारां द्वारा बीकानेर मुख्यालय की कार्यवाही करना उनकी उत्पीड़न की मानसिकता को दर्शाता है। यदि मांगे नहीं मानी गई तो आगामी चुनाव में भाजपा का बहिष्कार करना चाहिए। कार्रवाई के विरोध में बुधवार 28 फरवरी शाम 4 बजे लोग एकत्रित होकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम देवली को ज्ञापन देंगे। ज्ञापन में शिक्षिका हेमलता को जल्द से जल्द बहाल करने की मांग, शिक्षा मंत्री को पद से हटाने व जिला शिक्षा अधिकारी बारां के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की जाएगी।
इस दौरान संरक्षक व पूर्व अध्यक्ष राजकीय महाविद्यालय देवली रंगलाल मीणा, शिक्षक संघ अंबेडकर ब्लॉक अध्यक्ष मनीराम वर्मा, बैरवा समाज के अध्यक्ष सोमाराम बेरवा, पूर्व अध्यक्ष यादराम मीणा, वरिष्ठ सदस्य प्रहलाद राय मीणा दुर्गालाल वर्मा, पूर्व पार्षद त्रिलोक बेरवा महेंद्र बैरवा आदि मौजूद थे।


