Deoli News 3 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के बावड़ी बालाजी मंदिर परिसर में गत 26 दिसंबर से चल रही संगीतमय श्रीराम कथा में शुक्रवार को रामराज अभिषेक के साथ कथा का समापन हुआ।
वहीं इस दौरान भक्तों के मन में कथा श्रवण करने की उत्कंठा बनी रही। कथा में पुष्प मुरारी बापू ने मनमोहन तरीके से सुंदरकांड प्रसंग सुनाया। श्रद्धालु सुंदरकांड श्रवण करके भाव विभोर हो उठे।सुंदरकांड को सुंदरकांड क्यों कहा जाता है, इस पर पुष्प मुरारी बापू ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में उल्टा हो रहा है, जवान लोग, वृद्ध मां-बाप को सलाह देते हैं। जवान यह नहीं सोचते हैं कि इन्होंने संसार देख लिया है और हम अभी देखने जा रहे हैं। उनका अनुभव हमसे ज्यादा है। आज की युवा पीढ़ी अपने अनुभव की बात करती है और वृद्धो की बात नहीं मानती है।
यही कारण है कि आज अधिकांश वृद्ध आश्रमों में रहकर के जीवन यापन कर रहे हैं। इस दौरान अंगद का लंका जाने के संपूर्ण कथा का वृतांत सुनाते हुए रावण के वध का प्रसंग सुनाया। अंत में जीत रामजी की हुई। रामराज अभिषेक, शक्ति कथा श्रवण कराई। अयोध्या में रामजी का राज्याभिषेक हुआ। वशिष्ठजी ने प्रथम तिलक किया। सभी लोगों ने रामजी का राज्याभिषेक किया। इन्हीं सभी धार्मिक प्रसंग के साथ कथा का समापन हुआ।



