Deoli News 4 अप्रैल (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) तालुका विधिक सेवा समिति देवली ने क्षेत्र में बाल विवाह की सूचना पर संज्ञान लेते हुए समझाईश की पहल की है। समिति ने न केवल विवाह को रोकने के प्रयास किए, बल्कि बालिका के बेहतर भविष्य के लिए काउंसलिंग और संरक्षण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने नाबालिग के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट हर्ष मीना ने बताया कि ग्राम हिसामपुर में नाबालिग बच्चों के विवाह की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना की पुष्टि होते ही विधिक जागरूकता दल को सक्रिय किया गया। बालिका के परिजनों को कानून का पाठ पढ़ाने और स्थिति की गंभीरता समझाने के लिए महिला काउंसलर भगवान कंवर को उनके घर भेजा गया। काउंसलिंग के दौरान परिजनों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक कुप्रथा है।
बल्कि कानूनन दंडनीय अपराध भी है। काउंसलर ने विस्तार से बताया कि कम उम्र में विवाह से बच्चों की शिक्षा बाधित होती है और स्वास्थ्य पर इसके गंभीर परिणाम होते हैं। विशेषकर बालिकाओं में कम उम्र में गर्भधारण से मातृ स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं और मानसिक तनाव जैसी स्थितियां पैदा हो जाती हैं, जिससे अंततः उनका जीवन शोषण और घरेलू हिंसा की ओर धकेला जा सकता है। यहां लोगों को बताया कि बाल विवाह से संबंधित सूचना तत्काल नालसा हेल्पलाइन 15100 या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर की जा सकती है।



