Deoli News 30 दिसंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर में चल रही संगीतमय श्रीराम कथा के चौथे दिन सोमवार को पुष्प मुरारी बापू ने कहा कि वर्तमान युग की सभी समस्याओं का निवारण व समाधान श्रीरामचरितमानस में हैं।
प्रभु श्रीराम इस सृष्टि के जनक हैं। भगवान राम एक-एक रोम में बसे हैं। उन्होंने करोड़ों करोड़ों ब्रह्मांड का ऐसा विराट रूप मां कौशल्या को दिखाया। जिसे देखकर कौशल्या।माता अचंभित हो गई। लेकिन प्रभु श्रीराम की माया से कौशल्या इस अदभुत दृश्य को भूल गई। उन्होंने कहा कि भगवान की बाल लीलाएं अदभुत होती है, जिन्हें देखने के लिए सब तरसते है। भगवान के नामकरण का चित्रण करते हुए पुष्प मुरारी बापू ने बताया कि हमें अपनों के बाद अपने बच्चों के नाम पाश्चात्य संस्कृति के आधार पर नहीं रखना चाहिए। बच्चों के नाम भगवान के नाम पर रखना चाहिए, जिससे ईश्वर का नाम जप चलता रहे। भगवान श्रीराम की कई प्रकार की लीलाओं का उन्होंने चित्रण प्रस्तुत किया।
वहीं मनमोहक भजनों का आनंद कथा में श्रोताओं ने लिया। इस दौरान महिलाओं ने भजनों पर नृत्य भी किए। मंगलवार को भगवान श्रीराम और जानकी के विवाह का वर्णन किया जाएगा।


