-
बैठक में प्रशासन ने दिए
-
आम नागरिकों को मॉक ड्रिल व ब्लैक आउट को गंभीरता से लेने की कहीं बात
-
मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट का उद्देश्य हाइड, पोजीशन, एक्ट, रिएक्ट एंड सेफ्टी रहेगा
Deoli News 7 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) पहलगाम आतंकी के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बड़े तनाव के मद्देनजर संभावित युद्ध को लेकर भारत सरकार के निर्देश अनुसार बुधवार को जिले में मॉक ड्रिल और रात्रि को ब्लैक आउट रहेगा। इसकी तैयारी को लेकर बुधवार दोपहर 2:30 बजे अतिरिक्त जिला कलक्टर भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में नगर पालिका सभागार में अधिकारियों, मीडिया, सीएलजी एवं शांति समिति सदस्यों, व्यापारी व आमजन की बैठक हुई।
बैठक में एडीएम भूपेंद्र यादव ने बताया कि मॉक ड्रिल को लेकर उच्च स्तर से तत्काल निर्देश आएंगे। इस आधार पर मॉक ड्रिल एक पार्टिकुलर एरिया व शहर में की जाएगी। जिसमें संभावित बमबारी एवं हवाई अटैक से संबंधित काल्पनिक सूचना हो सकती है। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य आम नागरिक प्रशासन के साथ पहले तैयार रहे तथा विभिन्न डिपार्टमेंट के साथ कांबिनेशन बनाकर सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि दोनों देश के बीच तनाव को देखते हुए मॉक ड्रिल, अब कब ड्रिल बन जाए।
लिहाजा हमें जागरूक व सर्तक होना पड़ेगा। बुधवार रात सायरन बजने के साथ ही लोगों को अपने घर, प्रतिष्ठान, शादी विवाह समारोह आदि की लाइट तत्काल बंद करनी होगी और एकता का परिचय देना होगा। यहां तक की लोगों को अपनी खिड़कियों पर पर्दा एवं काला कागज लगाना होगा, ताकि बाहर लाइट का प्रकाश ना जा सके। लोगों को अपने मोबाइल लाइट भी बंद रखनी होगी और शादी समारोह की लाइट भी बंद रहेगी। उन्होंने बताया कि अप और डाउन साउंड के साथ चलने वाला सायरन ब्लैकआउट शुरू होने का रहेगा।
इसके कुछ देर बाद जबकि एक गति से चलने वाला सायरन ब्लैकआउट रिलीज का रहेगा। यहां तक की सायरन बजने के बाद लोगों को अपनी कार का इंजन और हेडलाइट भी बंद करना होगा। उक्त सब तैयारी का उद्देश्य यह है कि संभावित हवाई हमले से बचने के लिए यह किया जा रहा है, ताकि दुश्मन देश के लड़ाकू विमान क्षेत्र में आते हैं तो उन्हें आबादी होने का पता ना लगे। जिले में ब्लैकआउट बुधवार रात सभी जगह होगा। जबकि मॉक ड्रिल के लिए आगे से आदेश आएंगे। अस्पताल प्रबंधन को भी इसके लिए तैयारी रखनी होगी।
इससे पहले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के डिप्टी कमांडेंट श्वेतांक ने भारत सरकार के निर्देश के अनुसार ड्रिल में सहयोग की बात कही। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य युद्ध से पूर्व हाइड, पोजीशन, एक्ट और रिएक्ट करना है। यहां तक की इनवर्टर की लाइट्स भी बंद रहेगी। देवली पुलिस उप अधीक्षक देवेंद्र जाखड़ ने बताया कि अधिकृत व्हाट्सएप ग्रुप के मैसेज को ही आगे फॉरवर्ड कर लोगों को जागरूक करें। अनाधिकृत मैसेज का सरकुलेशन नहीं करें और ना ही ब्लैक आउट का वीडियो बनाएं। सायरन का समय रात्रि रहेगा जो अचानक शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि आम नागरिक अचानक होने वाले हमले के प्रति कितने जागरूक रहेंगे।
थाना प्रभारी दौलतराम ने बताया कि संभावित बमबारी और एयर अटैक आदि घटनाओं के लिए प्रशासन कितना जागरुक है। इसके लिए मॉक ड्रिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य हवाई हमले में जनहानि कम हो। उन्होंने आमजन से ब्लैकआउट में सायरन बजने के बाद अपने घर एवं प्रतिष्ठानों की लाइट्स बंद करने की बात कही। उन्होंने जाति एवं धर्म से ऊपर उठकर राष्ट्र धर्म निभाने की बात कही। इसके अलावा उक्त ब्लैकआउट को पैनिक नहीं लेने, यानि डरे नहीं, बल्कि जागरूक होकर इसमें सहयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि आमजन घरों में पर्याप्त भोजन एवं फर्स्ट एड किट आदि की व्यवस्था रखें।
बैठक में तहसीलदार देवली वीरेंद्र सिंह शक्तावत, अधिशासी अधिकारी सुरेश कुमार मीणा, पूर्व पालिकाध्यक्ष कैलाश सोनी, अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रामराय मीना, विद्युत निगम के सहायक अभियंता डीके जैन, व्यापारी दिनेश जैन, सुरेंद्र डीडवानिया, मुकेश गोयल, राजीव भारद्वाज समेत कई लोग मौजूद थे।


