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हिंडोली विधानसभा क्षेत्र में होगा दिलचस्प मुकाबला
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(विधानसभा चुनाव-2023)
राजेन्द्र बागड़ी, वरिष्ठ पत्रकार
Desk News 4 नवम्बर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) करीब 10 साल के लंबे शासन के बाद निवर्तमान विधायक व सरकार में खेल मंत्री अशोक चांदना को इस चुनाव में कड़ी चुनौती मिल सकती है। शनिवार को बीजेपी प्रत्याशी डॉ. प्रभुलाल सैनी के नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान उमड़ी समर्थकों की भारी भीड़ ने एक तरह से कांग्रेस के उम्मीदवार के समक्ष अपने इरादे जता दिए है।
अगर यहीं माहौल बना रहा तो अशोक चांदना के लिए बड़ी मुसीबत बनने वाली है। सैनी ने जुलूस के रूप में समर्थकों के साथ पहुंचकर नामांकन दाखिल किया। जब ” हम” चुनाव के पहले फेज की ” कवरेज” करने सुबह ही हिंडोली पहुँचे तो महसूस हुआ कि वहां की ” रुत” बदली नजर आई। लोगों, समर्थकों में जोश देखकर लगता है कि हिंडोली के राजनीतिक हालात बदलने वाले है। सबसे ज्यादा जोश युवा वर्ग , किसान वर्ग में नजर आया। नाचते- गाती भीड़ और उस पर प्रतिद्वंद्वी को ललकारने का जोश वाकई चुनाव की गर्मी पैदा करने वाला दिखा। हिंडोली में ये भी चर्चा सुनने को मिली कि चांदना को पहली बार कड़ी चुनोती देने वाला उम्मीदवार मिला है।
“लोगों ने भी माना कि मौजूदा विधायक को मिलेगी चुनौती”
चर्चा यह रही कि अशोक चांदना 10 साल से विधायक रहने के बावजूद आम मतदाता से दूर ही रहे। जनता से उनका सीधा सवांद कुछ खास मौकों पर ही हुआ। अलबत्ता वे ” हाई प्रोफाइल” नेता ही बने रहे। अधिकारियों के साथ उनका व्यवहार भी कई बार विवादित रहा, जिससे भी उनके पक्ष में कोई खास उत्साह प्रतीत नही हुआ। नामांकन जुलूस के दौरान डॉ. सैनी को को हर वर्ग का समर्थन मिला, जो बड़ी बात थी। मौजूदा विधायक के गर्म स्वभाव की भी चर्चा सुनने को मिली। चाय की थड़ियों पर हिंडोली का नया अंदाज बनता नजर आ रहा है। कुछ लोगों ने प्रतिक्रिया दी तो कुछ खामोश रहे। यहीं कुछ हालात हिंडोली में भी नजर आए। हालांकि मतदाता मुखर तो नही है, लेकिन दबे स्वरों में ये जरूर स्वीकारते है कि डॉ. सैनी के आने से चांदना को कड़ी चुनौती मिलने वाली है। चांदना वर्ष 2013 व 2018 में दो बार हिंडोली से चुनाव जीत चुके है।
दिलचस्प मुकाबला होगा हिंडोली विधानसभा में
हालांकि उनके कुछ समर्थक चांदना की कई उपलब्धियों को गिनाते है। मसलन मेडिकल कालेज, गवर्नमेंट कालेज खोलने की बात बताते है तो कुछ सड़कों के निर्माण जैसी उपलब्धियों को बताते है। बहरहाल अशोक चांदना व डॉ. प्रभुलाल सैनी के बीच यह मुकाबला बड़ा दिलचस्प होने जा रहा है। जातिगत समीकरणों में भी डॉ. सैनी माली जाति के मतदाताओं की संख्या के आंकड़ों में भी मजबूत नजर रहे है। बीते दो चुनावों में चांदना ने बीजेपी के उम्मीदवार महिपतसिंह हाड़ा व ओमेंद्र सिंह को हराया था। नामांकन पत्र भरने के बाद सैनी कारो के लंबे काफिले की शक्ल में सीधे हिंडोली स्थित माली समाज के छात्रावास परिसर पहुँचे। जहाँ उनका क्षेत्र के विभिन्न गांवों, कस्बों से आए लोगों, समर्थकों, जनप्रतिनिधियों ने मालाओं और साफे पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर सैनी ने लोगों से प्रदेश की कांग्रेस सरकार को लूट व झूँठ की सरकार को उखाड़कर फेंकने का आव्हान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियो को गिनाते हुए बताया कि मोदी ने काम देश मे किए है, वे बेमिसाल है कांग्रेस सरकार 5 साल तक लड़ती रही और आम जनता तरसती रही।
जनता के साथ हुए व्यवहार का पूरा हिसाब होगा
उन्होंने हिंडोली की जनता को आश्वस्त किया कि वे जनता के खोफ को समझ रहे है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी का नाम लिए बगैर कहा कि 10 सालों में क्षेत्र की जनता ने जो भोगा है , उसका पूरा हिसाब- किताब पूरा किया जाएगा। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी के विरुद जमकर इशारों- इशारों में हमला बोला तो सभा मे खूब तालियां बजी। इस दौरान टोंक से भाजपा प्रत्याशी अजीत मेहता, मालपुरा से प्रत्याशी कन्हैया लाल चौधरी व क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक बड़े नेता मौजूद थे। बाद में जुलूस के रूप में सैनी ने हिंडोली स्थित चुनाव कार्यालय का उदघाटन भी किया।



