Deoli News 23 दिसंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राजकीय चिकित्सालय परिसर में पिछले दिनों पार्किंग व्यवस्था के प्रबंधन के लिए प्रयास किए गए। लेकिन अब यह समस्या भीतर परिसर की बजाय बाहर की ओर पनपने लगी है। इसकी वजह लोगों की लापरवाही है।
यहां चिकित्सालय में उपचार के लिए आने वाले रोगी परिसर के मुख्य द्वार पर अपने वाहन खड़े कर रहे हैं। दरअसल चिकित्सालय परिसर में वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग के लिए संविदा कर्मचारियों की ओर से पार्किंग फीस ली जा रही है। लेकिन इसे बचाने के चक्कर में ऐसे लोग चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर अपनी बाइक व वाहन खड़े कर भीतर जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में रोगी वाहन तथा एम्बुलेंस को भी यहां मुख्य द्वार से भीतर प्रवेश करने तथा बाहर निकलने में दिक्कत हो रही है। इसी तरह चिकित्सकों को भी अपने वाहन लेकर अस्पताल आने में परेशानी होती है। खासकर चिकित्सालय परिसर के बाहर जयपुर मार्ग भी है। जहां वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में आउटडोर के वक्त दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। लिहाजा लोगों को भी चाहिए कि वह पार्किंग व्यवस्था बनाए रखने के लिए सहयोग दें। इसके अलावा नगर पालिका मंडल को उक्त सड़क मार्ग पर लगने वाले वाहनों पर रोक लगनी चाहिए।
समझाना पड़ता है भारी
पार्किंग व्यवस्था से जुटे कर्मचारियों ने बताया कि मुख्य द्वार पर वहां खड़े करने वाले लोगों को कई बार समझाया गया कि उनकी मनमाफिक पार्किंग की वजह से वाहनों को निकालने में दिक्कत हो रही है। लेकिन वे लोग सहयोग करने की बजाय उलझते हैं। कर्मचारियों ने लोगों को बताया कि वह भले ही अपनी बाइक या वाहन बाहर की ओर खड़ा करें। लेकिन मुख्य द्वार को खाली छोड़े, ताकि रोगी वाहनों को आने-जाने में दिक्कत ना हो। लेकिन यह कहना भी कई लोगों को नागवार गुजर रहा है।



