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Homeधर्म कर्मभागवत कथा का श्रवण मन को परम शांति देता है, समापन हुआ

भागवत कथा का श्रवण मन को परम शांति देता है, समापन हुआ

श्री कृष्ण सुदामा की झांकी सजाई


Deoli News 1 अप्रैल (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) बावड़ी बालाजी मंदिर परिसर देवली में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन सोमवार को हुआ। कथा वाचक बसंत महाराज ने कहा कि सच्चा भक्त वही है, जो भगवान को अपना मान ले।

उसके बाद भगवान भी उस भक्त को अपना मान लेते हैं। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ समर्पण ही असली मित्रता है। सुदामा चरित्र हमें जीवन में आई कठिनाइयों का सामना करने की सीख देता है। सुदामा ने भगवान के पास होते हुए अपने लिए कुछ नहीं मांगा। निस्वार्थ समर्पण ही असली मित्रता है। कथा में परीक्षित मोक्ष व भगवान सुखदेव की विदाई का वर्णन किया गया। कथा के बीच-बीच में भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला पुरुष श्रोता मौजूद थे। कथावाचक कैलाश राजोरिया ने बताया कि भागवत कथा का श्रवण से मन आत्मा को परम सुख की प्राप्ति होती है। भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की जीवंत की सजाई गई। कृष्ण सुदामा की मित्रता के करुण दृश्य को देखकर पंडाल में भक्त भाव विभोर हो गए।

आशीष पंचोली ने बताया कि कथा के दौरान एकत्रित धनराशि का उपयोग गणेश रोड स्थित श्रीसांवरिया सेठ गौशाला के विकास कार्य में खर्च किया जाएगा। कथा समाप्ति पर श्रीमद्भागवतजी की आरती कर प्रसाद वितरण किया गया।

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