Deoli News 18 दिसंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) श्रीमद्भागवत कथा पुराण के तीसरे दिन कथा वाचक ने कहा कि भजन और भक्ति के लिए उम्रदराज होना जरूरी नहीं है।
किसी भी उम्र व अवस्था में भक्ति की जा सकती है। भक्त ध्रुव ने मात्र 8 वर्ष की उम्र में ही भक्ति के बल पर भगवान के दर्शन प्राप्त किए। इस दौरान कथावाचक ने राजा हिमाचल व मैना देवी की पुत्री के साथ शिव विवाह का वृत्तांत सुनाया। शिव की बारात में भूत प्रेत का आना, गांववासियों का डरना, बारात से पहले ही स्वागत के लिए सभी देवताओं का पहुंचना, भोले बाबा द्वारा बाद में सुंदर रूप धारण करना आदि प्रसंग भी सुनाए।
देवली में संगीतमय श्रीराम कथा 26 दिसंबर से शुरू



