हेड कांस्टेबल ने दिखाई प्रोटोकॉल के नाम पर दबंगई
Deoli News 3 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के कोटा रोड स्थित एक होटल पर उस समय एक शर्मनाक घटना सामने आई, जब मुख्यमंत्री भजनलाल के संभावित सड़क मार्ग से लौटने के ‘प्रोटोकॉल’ का हवाला देते हुए हनुमान नगर थाने में तैनात हेड कांस्टेबल कालूराम ने मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रख दिया।
प्रकरण का वीडियो:-
दरअसल नागौर से टूर्नामेंट खेलकर लौट रहे बूंदी के एक प्राथमिक स्कूल के करीब 35 विद्यार्थी (जिनकी उम्र करीब 12 साल है) खाना खाने के लिए इस होटल पर रुके थे। हेड कांस्टेबल कालूराम गश्त के दौरान वहां पहुंचे और बच्चों को खाना खाते हुए ही बस हटाने के लिए मजबूर कर दिया। यहीं नहीं, उन्होंने होटल मालिक दुर्गेश नंदन से भी बदतमीजी की और कहा कि “खाना खा रहे बच्चों से अधिक वीआईपी इंपॉर्टेंट हैं, बच्चे इंपॉर्टेंट नहीं।”
इस असंवेदनशील कार्रवाई के बाद, मुख्यमंत्री की पुलिस में तैनात एक कांस्टेबल की नजर में देश के भविष्य (स्कूल के बच्चों) को कोई महत्व नहीं दिया गया। सिर्फ 12 साल के 35 बच्चों को खाना खाते हुए उठाकर बस में बैठाकर भूखे ही आगे भेज दिया गया। लिहाजा बच्चों को बिस्किट दिलाकर उनकी भूख मिटानी पड़ी। इस मामले में हनुमान नगर थाना प्रभारी का कहना है कि वे प्रोटोकॉल की ड्यूटी में बिजी है, बाद में बात करेंगे” यह घटना पुलिस और प्रशासन के असंवेदनशील चेहरे को उजागर करती है। जबकि यह बस दूसरी लाइन पर एक ओर खड़ी थी। जबकि कोई भी मुख्यमंत्री इस तरह का व्यवहार नहीं चाहेगा। उधर, देवली पहुंचने के बाद दौलता मोड पर मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद एक बच्चे को बुलाकर ऑटोग्राफ दिया था।

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