Thursday, April 16, 2026
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HomeBisalpur damशासन की बेरुखी और कड़ाके की ठंड पर भारी, विस्थापितों का विरोध

शासन की बेरुखी और कड़ाके की ठंड पर भारी, विस्थापितों का विरोध

16वें दिन भी जारी रहा बीसलपुर बांध भराव क्षमता बढ़ाने का विरोध


Deoli News 7 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) बीसलपुर बांध की भराव क्षमता बढ़ाने के विरोध में राष्ट्रीय विस्थापित संघर्ष समन्वय समिति का आंदोलन लगातार जारी है। देवली तहसील परिसर के बाहर चल रहा यह धरना बुधवार को 16वें दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहा।

जहां विस्थापितों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। कड़ाके की सर्दी और शीतलहर के बावजूद धरना स्थल पर विस्थापितों का जमावड़ा लगा हुआ है। आंदोलन के 16वें दिन संघर्ष को उस समय और मजबूती मिली जब केकड़ी क्षेत्र के पाड़लिया गांव के ग्रामीणों ने धरना स्थल पहुंचकर अपना पूर्ण समर्थन दिया। कार्यवाह अध्यक्ष विजय लक्ष्मी जांगिड़ और सत्यनारायण सरसड़ी की मौजूदगी में पाड़लिया सरपंच बंटी बलाई सहित सतीश वर्मा, राजकुमार मीणा, किशन लाल और सेवाराम समेत कई प्रमुख लोगों ने विस्थापितों की मांगों को जायज ठहराते हुए सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।

इस दौरान महेंद्र, देवानंद, मनोज, चेतन, रामप्रसाद, हरलाल, लक्ष्मी नारायण, सुनीता मीणा, प्रह्लाद, पार्षद विनोद पुजारी, रतन लाल और दुर्गालाल खींची सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। धरने पर बैठे लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि आंदोलन को चलते हुए एक पखवाड़े से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन प्रशासन और सरकार की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला है। विस्थापितों का कहना है कि वे कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे अपनी जायज मांगों के लिए बैठे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

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