Deoli News 21 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) दूनी क्षेत्र के दौलतपुरा निवासी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर भंवरलाल मीणा का बुधवार को उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
छत्तीसगढ़ के दरियाबाद में ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में जान गवाने वाले इंस्पेक्टर मीणा का पार्थिव शरीर जब जयपुर से उनके गांव पहुँचा, तो मार्ग में ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर उन्हें भावभीनी विदाई दी। अंतिम संस्कार में विधायक राजेंद्र गुर्जर, नरेश मीणा, पूर्व प्रधान बनवारी जाट और प्रशासनिक अधिकारियों सहित भारी जनसमूह उमड़ा, जहाँ विभाग की ओर से आर्थिक सहायता और शोक संदेश परिजनों को सौंपा गया। पांच बच्चों के पिता भंवरलाल मीणा वर्ष 2029 में सेवानिवृत्त होने वाले थे, उनके आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए रातों-रात गांव में व्यवस्थाएं सुधारी और पूर्व सैनिकों व ग्रामीणों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
इस दौरान तहसीलदार विनोद शर्मा, घाड़ थाना प्रभारी हरिराम वर्मा, एएसआई जगदीश समेत मौजूद थे।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
निधन की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। घर में कोहराम मचा हुआ है। मंगलवार रात से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित उनके आवास पर पहुंच रहे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। बिलखते हुए उनकी पत्नी लादी देवी ने कहा कि वे अगले महीने एक माह की छुट्टी लेकर घर आने वाले थे। वहीं 19 जनवरी की रात को उनसे फोन पर बात हुई थी। तब उन्होंने कहा कि था इसी साल बेटे की शादी भी करनी है।
पेट्रोलिंग के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार दौलतपुरा गांव निवासी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर भंवरलाल मीणा (54) मंगलवार को छत्तीसगढ़ में पेट्रोलिंग ड्यूटी के दौरान बाइक समेत खाई में गिर गए थे। साथियों ने उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका निधन हो गया। दोपहर में मोबाइल के जरिए इस दुखद सूचना से परिजनों को अवगत कराया गया।
सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन में थे तैनात
भंवरलाल मीणा ने अपने करियर की शुरुआत सिपाही से की थी और मेहनत से इंस्पेक्टर पद तक पहुंचे। वे वर्तमान में छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन में तैनात थे। भंवरलाल के बड़े भाई श्योजीराम मीणा का पहले निधन हो चुका है। बेटा लालाराम मीणा पंजाब में आर्मी में जवान है।



