Friday, June 5, 2026
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HomeDainik Bureau Deskधैर्य और विवेक से ही विकारों पर पाया जा सकता है नियंत्रण

धैर्य और विवेक से ही विकारों पर पाया जा सकता है नियंत्रण


Deoli News 5 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) पुरुषोत्तम मास में देवली के अटल उद्यान में चल रहे 15 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा ज्ञानयज्ञ महामहोत्सव के दौरान गुरुवार रात महामंडलेश्वर दिव्य मुरारी बापू ने जीवन के सार को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि काम, क्रोध, लोभ, मोह और मद जैसे विकारों को केवल धैर्य और विवेक के माध्यम से ही नियंत्रित किया जा सकता है। बापू ने सफलता और असफलता पर चर्चा करते हुए समझाया कि जीवन में हमेशा सफलता मिलना अनिवार्य नहीं है, लेकिन असफलता आने पर हिम्मत हारना उचित नहीं है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा कि यदि मुसाफिर अपनी हिम्मत न हारे, तो मंजिल स्वयं उसके कदम चूम लेती है। व्यक्ति को अपने लक्ष्य की प्राप्ति तक निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। कथा प्रसंग के दौरान उन्होंने कामदेव और रति के प्रसंग का वर्णन किया और सीताराम, गौरीशंकर तथा राधाकृष्ण को अनादि दम्पति बताया।

इस मौके पर शिव विवाह का प्रसंग सुनाते हुए उसका सजीव चित्रण किया गया और शिव-पार्वती की मनमोहक झांकी सजाई गई। कार्यक्रम के अंत में भजनों की मधुर प्रस्तुति दी गई। कथा का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

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