Deoli News 12 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) प्रथम पूज्य भगवान गणेश का पर्व गणेश चतुर्थी इस वर्ष 14 सितंबर सोमवार को मनाया जाएगा। मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान टोंक के निदेशक बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है।

उन्होंने बताया कि भगवान गणेश को देवताओं में प्रथम पूज्य माना गया है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर ग्रहों की स्थिति और विभिन्न शुभ योगों का संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष की दृष्टि से विशेष एवं दुर्लभ माना जा रहा है। चतुर्थी तिथि का प्रारंभ सोमवार सुबह 7:07 बजे के बाद होगा। शास्त्री के अनुसार इस दिन ब्रहम योग दोपहर 12:46 बजे तक, इसके बाद ऐन्द्र योग रहेगा। रवि योग सूर्योदय से दोपहर 1:55 बजे तक रहेगा। गणेश पूजन के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:58 से दोपहर 12:47 बजे तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2:26 से 3:15 बजे तक तथा गोधूलि बेला शाम 6:21 से 6:55 बजे तक शुभ रहेगी।

वृश्चिक लग्न का समय भी दोपहर 11 बजे से 1:18 बजे तक बताया गया है। उन्होंने बताया कि भगवान गणेश को दूर्वा, सिंदूर, लड्डू, पंचामृत, जनेऊ, हरे मूंग, धूप, नैवेद्य एवं माला अर्पित कर विधि-विधान से पूजा की जाती है। गणेश चतुर्थी का पर्व सुख, समृद्धि, ज्ञान और सौभाग्य की कामना के लिए विशेष माना जाता है।


