Deoli News 19 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) दशलक्षण पर्व में शनिवार को जैन मंदिरों में उत्तम शौच धर्म की पूजा-अर्चना श्रद्धा के साथ हुई। नासिरदा स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ एवं आदिनाथ का कलशाभिषेक किया गया।
इसके बाद विमल कुमार, राकेश कुमार एवं जयकुमार छाबड़ा परिवार ने प्रथम अभिषेक एवं शांतिधारा की। पं अभिषेक जैन ने उत्तम शौच धर्म एवं तत्वार्थ सूत्र की पूजा कराई। समाज महामंत्री राजेश कुमार कटारिया ने बताया कि शाम को आरती के साथ महिला मंडल ने मंगलाचरण एवं कॉमेडी की प्रस्तुति दी। नासिरदा मंदिर में भगवान पुष्पदंत स्वामी का निर्वाण महोत्सव भी मनाया गया। शांतिधारा के बाद टीकमचंद, गोवर्धन लाल, शिखरचंद एवं महेंद्र कुमार परिवार ने निर्वाण लड्डू चढ़ाया। इसी तरह देवली के पटेल नगर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। कुण्डलपुर से आए पं ध्रुव के मार्गदर्शन में श्रीसर्वतोभद्र महामंडल विधान की संगीतमय पूजा हुई।

शाम को गाजे-बाजे के साथ लाई गई महाआरती की गई। पंडित ध्रुव ने उत्तम शौच धर्म का महत्व बताते हुए लोभ का त्याग कर संतोष अपनाने का संदेश दिया। यही जानकारी समाज के मीडिया प्रभारी राजीव जैन ने दी।
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