Deoli News 20 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) जैन समाज के दस लक्षण महापर्व के तहत रविवार को श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर नासिरदा में समाज द्वारा पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। भाद्रपद शुक्ल नवमी को दसलक्षण मंडल विधान पूजा के तहत नित्य नियम पूजा, सोलहकारण पूजा, पंचमेरू पूजा एवं दसलक्षण पूजा की गई।
इस दौरान विशेष रूप से उत्तम सत्य धर्म की पूजा की गई। इसके बाद बाबूलाल जैन ने तत्वार्थ सूत्र की पूजा कराई। आचार्य के अनुसार उत्तम सत्य धर्म सत्य बोलने, विश्वासघात नहीं करने और धर्म का आचरण करने की प्रेरणा देता है। क्रोध, लोभ और हंसी-मजाक आदि के कारण मनुष्य झूठ बोलता है। इसके विपरीत सत्य धर्म लोकहित का साधन है। समाज महामंत्री राजेश कुमार कटारिया ने बताया कि प्रतिदिन की तरह कार्यक्रम की शुरुआत मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ एवं आदिनाथ भगवान के कलशाभिषेक से हुई। बोली के माध्यम से सौधर्म इंद्र बनने तथा प्रथम अभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य नवल किशोर-धीरज कुमार छाबड़ा नासिरदा हाल नारनौल हरियाणा ने प्राप्त किया।
शाम को महाआरती के बाद महिला मंडल द्वारा मैना सुंदरी नाटक का मंचन है। इसमें निर्मला जैन, मंजू कटारिया, अंतिम जैन, रेणु जैन, बीना लावरिया एवं सोना जैन ने भाग लिया।


