गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया
Deoli News 10 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर स्थित विवेकानन्द कॉलोनी पार्श्वनाथ धर्मशाला में स्मृति परिवर्तन के तहत गुरुवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन हुआ। इस मौके पर कई कार्यक्रम हुए।
इस अवसर पर मुनि प्रणीत सागर महाराज और क्षुल्लक विधेय सागर की उपस्थिति में 250 पूर्वाचार्यों की अर्घावली संगीतमय पूजन की गई।कार्यक्रम की शुरुआत, शांतिनाथ भगवान, आचार्य विराग सागर और आचार्य विशुद्ध सागर के चित्रणावरण, दीप प्रज्वलन और पादप्रक्षालन के साथ हुई। यह सब सौभाग्य बाबूलाल जैन नासिरदा परिवार को मिला।
इसके बाद क्षुल्लक विधेय सागर ने गुरुदेव के भजन “शिष्य भूल गए रे हरद्वार, मगर गुरुद्वार नहीं भूले” से मंगलाचरण प्रस्तुत किया। मुनि ने गुरु पूर्णिमा महोत्सव का महत्व बताते हुए कहा कि पंचमकाल में साधना आसान नहीं है और जीवन में गुरु का होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अवसर्पणी काल में दिगम्बरचर्या के धारी मुनिराज का दर्शन ही किसी अतिशय से कम नहीं है और दिगम्बर साधू के समक्ष गुरु मानकर अपने जीवन को सदमार्ग पर चलाना अनन्त पुण्यों के संचय से ही सम्भव है। कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष बंशीलाल सर्राफ, संजय पापड़ीवाल, मुकेश जैन, ज्ञानचंद, प्रशांत, आशु, सुलोचना, सरोज सहित सकल जैन समाज के श्रावकों ने हिस्सा लिया।
मीडिया प्रभारी विकास जैन ने बताया कि 11 जुलाई को वीरशाशन जयंती के मौके पर अटल अभियान टीनशेड परिसर में 3 हजार दीपक से रिद्धि मंत्रो की जाप की जाएगी। इसके अलावा 11 जुलाई को वीरशासन जयंती अटल उद्यान के टीनशेड परिसर में मनाई जाएगी, जिसमें करीब 3 हजार दीपकों से ऋद्धिमंत्रों की जाप की जाएगी।



