उपस्थिति रजिस्टर के अलावा नहीं मिला रिकॉर्ड, फरवरी में नहीं दर्ज हुई उपस्थिति
Deoli News 23 फरवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) सहकारिता एवं अधिकारिता विभाग के मंत्री अविनाश गहलोत ने शुक्रवार शाम दूनी के दुर्गापुरा ढाणी स्थित छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक भी बच्चा मौके पर नहीं मिला। हॉस्टल वार्डन से जब इस बारे में पूछा गया तो इधर-उधर झांकने लगे। बाद में गाड़ी भिजवाकर बच्चों को बुलवाया गया, तब मंत्री छात्रावास में रह रहे बच्चों से रूबरू हुए।
दरअसल मंत्री अविनाश गहलोत पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी की मां के निधन पर संवेदना व्यक्त करने आंवा गए थे। लौटते वक्त उन्होंने दुर्गापुरा ढाणी स्थित अनुसूचित जाति के छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के छात्रावास में पहुंचने के बाद एक भी बच्चा मौके पर नहीं मिला। वार्डन से जब बच्चों के बारे में पूछा गया तो वार्डन ने बताया कि बच्चे किसी साथी के जन्मदिन मनाने के लिए बाहर गए हुए हैं। इसके बाद मंत्री ने गाड़ी भेजकर एक मंदिर से 10-12 बच्चों को बुलाकर रूबरू हुए। इस दौरान छात्रावास की कई अनियमिताएं सामने आई। छात्रावास के बच्चों से साफ सफाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वह स्वयं ही शौचालय व पूरे भवन की साफ सफाई करते हैं।
बच्चे गायब मिला रिकॉर्ड नहीं मिला फरवरी का उपस्थिति रजिस्टर
औचक निरीक्षण के दौरान जब मंत्री ने छात्रावास के बच्चों का रिकॉर्ड मांगा तो वहां मौके पर रिकार्ड उपलब्ध नहीं पाया। वहीं जब छात्रों के उपस्थिति रजिस्टर को मंगवाया गया तो फरवरी माह का उपस्थिति रजिस्टर खाली मिला। जिसमें एक भी बच्चे की उपस्थिति दर्ज नहीं थी। जबकि देवपुरा ढाणी में राजकीय अंबेडकर एससी का छात्रावास है। जिसमें 50 बच्चों की स्वीकृति है। वर्तमान में 38 बच्चे रहते हैं। शुक्रवार को 25 बच्चों की उपस्थिति बताई थी। लेकिन एक भी बच्चा निरीक्षण के दौरान मंत्री को मौके पर नहीं मिला। वे छात्रावास में करीब एक घंटे रुके। उन्होंने छात्रावास में रसोई, शौचालय साफ सफाई की व्यवस्थाओं को देखा। मंत्री ने व्यवस्थाओं को देखकर अनुमान लगा लिया था कि यह पूर्व नियोजित साफ सफाई व्यवस्था है।

मंत्री को एक घंटे बैठे रहना पड़ा
मंत्री को एक घंटे तक यहां बैठा रहना पड़ा। छात्रावास में आज तक किसी भी अधिकारी, जनप्रतिनिधि ने छात्रावास का निरीक्षण नहीं किया। छात्रों से रूबरू होने के दौरान बच्चे सही संतुष्टजनक जवाब नहीं दे पाए। बच्चों ने दोहरे बयान दिए। इस दौरान एसडीओ दुर्गा प्रसाद मीना, एएसआई भवानी शंकर चौधरी, अतुल पाराशर आदि मौजूद थे।


