जिले में उर्वरकों की समुचित व्यवस्था के लिए जिला कलक्टर ने दिए निर्देश
Desk News 24 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) जिले में आगामी सीजन में उर्वरक की समुचित व्यवस्था के लिए जिला कलक्टर के निर्देशानुसार प्रति किसान 5 बैग डीएपी एवं 5 बैग यूरिया से अधिक नहीं दिए जाएंगे। जिससे सभी किसानों को एक बार उर्वरक उपलब्ध हो सके।
उक्त आदेश से छोटे किसानों को अपनी आवश्यकता का उर्वरक आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि कृषकों को नैनो डीएपी व नैनो यूरिया या अन्य कोई उत्पाद जबरदस्ती नहीं दिया जाए, इसके लाभ एवं उपयोग विधि बताकर समझाईश कर किसान सहमत हो तो ही दिया जाए। साथ ही जिन ग्राम सेवा सहकारी समितियों निजी विक्रेताओं के पास उर्वरक उपलब्ध नहीं हो या कम हो तो उर्वरक निर्माता एवं थोक विक्रेता उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक आपूर्ति कराए। संयुक्त निदेशक सोलंकी ने कार्यालय आदेश जारी कर जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि प्रति कृषक 5-5 बैग यूरिया व डीएपी से अधिक उर्वरक एक बार में नहीं दे। उक्त आदेश के उल्लंघन करने पर संबंधित विक्रेता के विरूद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा प्रबंध निदेशक केंद्रीय सहकारी बैंक टोंक को भी उर्वरक विक्रेता समस्त सहकारी समितियों को उक्त आदेश की पालना करने एवं जिन ग्राम सेवा सहकारी समितियों में उर्वरक उपलब्ध नहीं हो या कम हो तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक आपूर्ति कराने के निर्देश दिए है।
वहीं आदान विक्रेता संघ जिला टोंक अध्यक्ष को भी कहा है कि जिले के सभी थोक एवं खुदरा विक्रेताओं को उक्त आदेशों की पालना कराने एवं कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आदानों के अधिक से अधिक नमूने आहरित करने के निर्देश दिए है।


