Jahazpur News 20 फरवरी (मोहम्मद आज़ाद नेब) पवित्र माह रमज़ान की रहमतों और बरकतों के बीच एक प्रेरणादायक नज़ारा उस वक्त देखने को मिला, जब अपनी नानी के घर आई चार साल की मासूम बच्ची बिद्त नूर ने अपना पहला रोज़ा रखा।
कम उम्र में रोज़ा रखने की उसकी लगन और मासूमियत ने पूरे परिवार और लोगों का दिल जीत लिया। रोज़े के दौरान बिद्त नूर पूरे उत्साह के साथ इबादत के माहौल में शामिल रही। ननिहाल पक्ष के परिजनों ने बच्ची का हौसला बढ़ाया और उसके जज़्बे की सराहना की। आसपास के रहने वाले लोगों ने भी उसे दुलार दिया तथा हदिया (उपहार) देकर उसकी हौसला अफज़ाई की। परिवार के सदस्यों ने बताया कि बच्ची रोज़े के महत्व को समझते हुए खुद ही रोज़ा रखने की जिद कर रही थी।



