प्रभारी समेत आधे से अधिक स्टाफ नदारद
Deoli News 23 दिसंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राजकीय उप जिला चिकित्सालय देवली में मंगलवार को अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली, जहां साल के अंत में अपनी छुट्टियां बचाने के चक्कर में अस्पताल के आधे से अधिक डॉक्टर एक साथ अवकाश पर चले गए।
मंगलवार सुबह जब मरीज इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे तो उन्हें प्रभारी समेत 11 डॉक्टरों के अनुपस्थित रहने का सूचना पट दिखाई दिया। जिसके बाद मरीजों को बिना इलाज के ही भटकना पड़ा। इन 11 मे एक डॉक्टर की इवनिंग ड्यूटी लगी है। जबकि अस्पताल में कुल 19 डॉक्टर वर्तमान में कार्यरत है। अस्पताल की इस बदहाली और डॉक्टरों की गैरहाजिरी का प्रमाण देती अनुपस्थित पंजिका की तस्वीर अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। जिसे लेकर आम जनता में भारी आक्रोश है। अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों में फिजिशियन, ऑर्थोपेडिक्स, शिशु रोग और स्त्री रोग समेत महत्वपूर्ण विभागों के विशेषज्ञ शामिल थे।
जिसके चलते अस्पताल की पूरी व्यवस्था ही चरमरा गई। बताया जा रहा है कि चिकित्सकों को मिलने वाले सालाना 15 आकस्मिक अवकाश 31 दिसंबर को खत्म हो रहे हैं और इसी का उपयोग करने के लिए डॉक्टरों के बीच छुट्टी लेने की होड़ मच गई।
विडंबना यह रही कि व्यवस्था संभालने वाले प्रभारी चिकित्सक ने भी इस सामूहिक अवकाश में शामिल होना बेहतर समझा और मरीजों की तकलीफ को नजरअंदाज कर दिया। जबकि अधिकांश डॉक्टर के देवली में क्लीनिक चल रहे हैं। अस्पताल की इस हालत पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चिकित्सा विभाग की यह बहुत बड़ी कमी है, जबकि डॉक्टर बारी-बारी से भी अवकाश ले सकते थे। इससे उन्हें भी अवकाश का लाभ मिल जाता और आमजन को भी परेशानी नहीं होती। लेकिन एक साथ गायब होकर उन्होंने अस्पताल को ही बीमार बना दिया है।

फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही डॉक्टरों की लिस्ट के बाद अब उच्चाधिकारियों की कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी है। इस संबंध में समस्या बताने के लिए उपखंड अधिकारी देवली को फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी टोंक का कहना है कि उनसे छुट्टी नहीं ली गई है, मैं मामले को दिखाता हूं।


