जांच के घेरे में मेडिकल स्टोर्स, पद के दुरुपयोग की भी होंगी जांच
Deoli News 27 अप्रैल (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) प्रदेश सरकार की आरजीएचएस योजना में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। इसमें यहां मेडिकल स्टोर्स जांच के दायरे में हैं। जिसकी जांच की जा रही है।
योजना के तहत राज्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को कम या बिना किसी खर्च के चिकित्सा उपचार दिया जाता है। लेकिन देवली में इसका फर्जीवाड़ा हो सकता है। इसे लेकर पिछले दिनों जांच दल ने पड़ताल की है। दरअसल आरजीएचएस योजना राजस्थान सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए शुरू की गई एक स्वास्थ्य बीमा योजना है। उक्त योजना में चिकित्सा आपातकाल, ओपीडी, आईपीडी, डे केयर, मातृत्व और बाल देखभाल जैसी सुविधाओं का कवरेज दिया जाता है। योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में राज्य कर्मचारियों को कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती है।
टीम ने की फर्जीवाड़े की जांच
विभाग की टीम ने देवली उपजिला अस्पताल का दौरा कर अनियमिताओं और फर्जीवाड़े से संबंधित जांच की। जांच में पता चला कि उपजिला अस्पताल के एक चिकित्सक के फर्जी हस्ताक्षर और सील लगाकर पर्ची से दवाइयों के बिल उठाए गए हैं। हालांकि इस मामले में विभाग स्तर पर जांच चल रही है।
कलक्टर ने मांगी रिपोर्ट
वहीं उपजिला अस्पताल के सरकारी क्वार्टर में पद का दुरुपयोग कर निजी स्तर पर अस्पताल संचालन करने समेत अन्य मामलों के उजागर होने के बाद इसकी शिकायत पर कलक्टर टोंक ने सख्ती दिखाई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी टोंक को मामले की जांच के निर्देश देकर रिपोर्ट मांगी है।
सीएमएचओ डॉ. शैलेंद्र चौधरी ने बताया कि देवली उप जिला अस्पताल में आरजीएचएस योजना में फर्जीवाड़े को लेकर टीम जांच करने आई थी, जिस पर फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। पूरी जांच होने के बाद देवली उपजिला अस्पताल में आरजीएचएस योजना में फर्जीवाड़े के मामले का पर्दाफाश हो सकता है।


