वैकल्पिक व्यवस्था की दरकार
Deoli News 20 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राजकीय उप जिला अस्पताल देवली परिसर में आरजीएचएस योजना के तहत संचालित सहकारी उपभोक्ता भंडार पिछले तीन सप्ताह से अधिक समय से बंद पड़ा है, जिससे कस्बे और आसपास के सैकड़ों पेंशनर्स व सरकारी कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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दरअसल, इस भंडार में वित्तीय अनियमितताओं और फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद जांच कमेटी के निर्देश पर हनुमान नगर थाने में संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, जिसके बाद से ही केंद्र पर ताला लटका हुआ है। पेंशनर समाज देवली के संरक्षक घीसालाल टेलर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लंबे समय से केंद्र बंद होने के कारण सेवानिवृत्त बुजुर्गों को दवाइयों के लिए बूंदी और टोंक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जो इस उम्र में उनके लिए कष्टदायक है।हालांकि वैकल्पिक तौर पर राजकीय अस्पताल के पास दो अन्य केंद्रों को आरजीएस में अधिकृत कर रखा है, लेकिन वहां मरीजों को केवल एक-दो दवाइयां ही मिल पा रही हैं। विशेष रूप से क्रॉनिक डिजीज यानी गंभीर और पुरानी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें जीवन रक्षक दवाइयां बाहर से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही हैं। आरजीएचएस योजना का लाभ नहीं मिलने से गुस्साए कर्मचारियों और पेंशनर्स ने मांग की है कि जांच की प्रक्रिया के बीच जल्द से जल्द वैकल्पिक सुचारू व्यवस्था की जाए।
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ताकि आमजन को राहत मिल सके और उन्हें मजबूरी में निजी स्टोर पर जेब ढीली न करनी पड़े। पेंशनर समाज के संरक्षक टेलर ने बताया कि इसे चालू करने की मांग को लेकर वह शासन और प्रशासन को पत्र लिखकर अवगत कराएंगे।


