Deoli News 14 नवंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) बाल दिवस पर आदर्श इंडियन पब्लिक स्कूल, देवली में बाल मेले का आयोजन हुआ। इस मेले में विद्यार्थियों ने कई फूड स्टॉल और कई गेम स्टॉल लगाए।

मेले का शुभारंभ स्कूल के निदेशक मोहित अग्रवाल द्वारा किया गया। उन्होंने ने सह-निदेशक और प्रधानाचार्य के साथ मिलकर फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। यहां कक्षा 5 से 10 तक के विद्यार्थियों ने स्वादिष्ट व्यंजनों के 19 फूड स्टॉल लगाए, जिनमें कचौरी, दाल पकवान, पानी पुरी, ब्राउनी, चोकोलावा केक, कोल्ड कॉफी, मैगी, पाव भाजी, पापड़ी चाट, पान शॉट, मोमोज़, ओरेओ शेक, लेमोनेड, कपकेक, चाट आदि थे। कक्षा 5 से 10 तक के विद्यार्थियों ने गेम ज़ोन में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मनोरंजक और रोचक 16 गेम स्टॉल लगाई जिसने बच्चों व अभिभावकों का खूब मनोरंजन किया। लकी ड्रॉ का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार विद्यालय के निदेशक मोहित अग्रवाल द्वारा सौपें गए।
बाल दिवस एवं वंदे मातरम् की 150वीं जयंती मनाई गई
पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय देवली विद्यालय में बाल दिवस एवं वंदे मातरम् की 150वीं जयंती बड़े उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ पं जवाहरलाल नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण एवं बाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किया गया। प्राचार्य नवरतन मित्तल ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए बाल दिवस के ऐतिहासिक महत्व एवं बच्चों की भूमिका पर सारगर्भित उद्बोधन दिया। सीआईएसएफ की ओर से वंदे मातरम् गीत तथा अन्य देशभक्ति पूर्ण गीतों पर बैंड की मधुर धुनें प्रस्तुत की गईं। यहां फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में जूनियर ग्रुप के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने फल, सब्जियां, जानवरों आदि की वेशभूषा पहनकर सबका मन मोह लिया।

नेहरू की जयंती पर हुए विभिन्न कार्यक्रम
दूनी स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य कैलाश वर्मा के निर्देशन में पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती बाल दिवस के रूप में मनाई गई। उप प्रधानाचार्य शांतिलाल शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में सेवानिवृत उप शिक्षा निदेशक धनुर्धर गौतम मुख्य अतिथि के रूप में थे। इस अवसर पर प्राध्यापक संजू प्रजापत एवं सुरेंद्र सिंह नरूका ने पंडित नेहरू के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रेरणा प्रसंग सुनाते हुए कहा कि पंडित नेहरू देश के लोकप्रिय नेता होने के साथ ही स्वतंत्रता सेनानी, लेखक तथा आधुनिक भारत के निर्माता एवं स्वप्न दृष्टा थे।



