Deoli News 1 फरवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) स्थानीय सांसद हरीश चन्द्र मीना ने केंद्र सरकार के बजट को किसान, युवा, महिला और ग्रामीण विरोधी बताते हुए इसे सामाजिक न्याय के खिलाफ करार दिया है। उन्होंने कहा कि बजट में न तो किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी दी गई है और न ही महिलाओं की सुरक्षा या शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए कोई ठोस प्रावधान किए गए हैं।
दलित, आदिवासी और पिछड़ा वर्ग के लिए किसी नई योजना का अभाव यह साफ करता है कि सरकार गरीब तबके को विकास की मुख्यधारा से दूर धकेल रही है। सांसद ने आरोप लगाया कि काले धन को सफेद करने के प्रावधानों के जरिए यह बजट केवल चुनिंदा पूंजीपतियों और उद्योगपतियों को फायदा पहुँचाने वाला एक दस्तावेज मात्र बनकर रह गया है। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार अजमेर-सवाई माधोपुर वाया टोंक रेल मार्ग के निर्माण की घोषणा होगी, लेकिन वित्त मंत्री ने इस महत्वपूर्ण परियोजना पर एक शब्द भी नहीं बोला। वहीं हाल ही में बाढ़ से प्रभावित हुए टोंक और सवाईमाधोपुर जिलों के लिए किसी विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा न करना स्थानीय जनता के साथ बड़ा अन्याय है।
जनहित के मुद्दों की अनदेखी कर संसाधनों को निजी हाथों में सौंपने वाला यह बजट आम जनता के लिए पूरी तरह निराशाजनक और दुखद साबित हुआ है। सांसद के अनुसार यह केवल कॉर्पोरेट घरानों के हितों को साधने के लिए बनाया गया है।


