Deoli News 25 दिसंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) नासिरदा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में कथाव्यास पं राजेंद्र जी गौतम ने प्रहलाद चरित्र, गजेंद्र मोक्ष, वामन चरित्र, श्री राम चरित्र पर प्रकाश डालते हुए भक्ति मार्ग ही सबसे बड़ा मार्ग बताया। जिसके बूते पर कई भक्तों ने भगवान को प्राप्त किया है।
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उन्होंने सनातन धर्म का महत्व बताते हए सभी लोगों को सत्कर्म करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव का आयोजन हुआ। वामन भगवान और श्रीकृष्ण भगवान की सजीव झांकी सजाई गई। उन्होंने कहा कि वामन अवतार भगवान विष्णु के पांचवें अवतार हैं। राजा बलि ने देवताओं को हराकर तीनों लोकों पर अपना अधिकार कर लिया था। देवताओं ने भगवान विष्णु से मदद मांगी। भगवान विष्णु ने एक बौने ब्राह्मण का रूप धारण किया और राजा बलि के दरबार में गए। ब्राह्मण ने कहा कि वह केवल तीन पग भूमि चाहता है। राजा बलि ने सोचा कि तीन पग भूमि तो कुछ नहीं है।

इसलिए राजा बलि ने ब्राह्मण को तीन पग भूमि देने का वचन दिया। इसके बाद ब्राह्मण देवता ने अपना वास्तविक रूप प्रकट किया और भगवान विष्णु बन गए। भगवान विष्णु ने अपने एक पग में आकाश, दूसरे पग में पृथ्वी और तीसरे पग में राजा बलि को नाप लिया।


