हरियाणा के बाद प्रदेश में यह प्रयोग होगा पहली बार
Deoli News 17 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) लगातार हार के बाद इस बार बीजेपी देवली-उनियारा विधानसभा सीट को जीतने के हर संभव कोशिश में है। हरियाणा में बूथ लेवल पर हुए माइक्रो मैनेजमेंट से हार को जीत में बदलने का प्रयोग प्रदेश की उन सभी 7 सीटों पर किया जा रहा है।
जहाँ 13 नवम्बर को उपचुनाव के लिए मतदान होना है। पहली बार लग रहा है कि बीजेपी सभी उपचुनाव वाली सीटों पर कड़ी टक्कर देने को आतुर है। खासकर इन 7 उपचुनावों वाली सीटों में देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र भी शामिल है। इस सीट पर बीजेपी का जोर ज्यादा है। बीते चुनाव में बीजेपी करीब 19 हजार वोटों से हारी थी। जानकार सूत्रों के मुताबिक देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में इस बार पार्टी का प्रत्याशी कोई भी हो, कार्यकर्ता मिलकर एकजुटता से काम करेंगे। ऐसा कड़ा संदेश पार्टी की और से स्थानीय संगठन को दिया जा चुका है।
हर कार्यकर्ता, नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया जा चुका है कि वे किसी नेता, उम्मीदवार के पक्ष में लॉबिंग कतई नही करे और न ही सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट डाले। पार्टी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि यदि कोई कार्यकर्ता, नेता पार्टी के विरोध में ऐसा करता पाया गया तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही होगी। पार्टी ने बूथ लेवल की जिस तरह से तैयारी शुरू की है, वह अपने आप में बड़े और गहन स्तर की है। वोटर्स की स्थिति, कहाँ है? समेत सभी बारीकी स्तर पर सूचियां तैयार की गई है। इस उपचुनाव में जिन जिम्मेदार पदाधिकारियों की नियुक्ति होगी, उन्हीं को सभी माइक्रो मैनेजमेंट करने होंगे।
जिनकी नियमित निगरानी पार्टी की उच्च स्तरीय सेल करेगी। यहीं स्थिति मतदान के दिन भी रहेगी। विधानसभा क्षेत्र में जातिगत समीकरणों को साधने के लिए सभी जातियों के विधायक, प्रभावी नेता सक्रिय हो गए है। क्षेत्र में मीणा, गुर्जर, धाकड़, राजपूत, जाट, बैरवा, रैगर समेत ओबीसी के नेताओ की सूचियां तैयार की गई है। जिनका उपयोग किया जाएगा।



