Deoli News 11 फरवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) टोंक स्थित मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान के निदेशक बाबूलाल शास्त्री के अनुसार इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी रविवार को मनाया जाएगा।


इस विशेष अवसर पर दरिद्रता दूर करने और लक्ष्मी कृपा पाने के लिए घर में पारद या स्फटिक शिवलिंग की स्थापना कर ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ फलदायी रहता है। शिव पुराण के अनुसार रात्रि में शिव मंदिर में दीपदान करने से कुबेर देव के समान अक्षय धन की प्राप्ति होती है। वैवाहिक समस्याओं के समाधान के लिए सुहागिनों को सुहाग सामग्री भेंट करें और जरूरतमंदों को अनाज व धन का दान कर पुण्य अर्जित करें। हनुमान चालीसा का पाठ करने से शिवजी के अंशावतार हनुमानजी की प्रसन्नता मिलती है। जिससे जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं। शास्त्री ने बताया कि जो लोग बिल्व वृक्ष के नीचे खीर और घी का दान करते हैं, उन्हें महालक्ष्मी की विशेष कृपा और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
जबकि कालसर्प दोष की शांति के लिए मुख्य द्वार पर हल्दी से स्वास्तिक बनाएं और ईशान कोण की ओर मुख करके शिव आराधना करें। शास्त्री ने बताया कि भगवान शिव के स्वामी होने के कारण ईशान दिशा में मुख कर पूजन व दीपदान करने का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर देवली के छतरी चौराहा मंदिर पर भी आयोजन की तैयारी चल रही है। यहां मेले का आयोजन भी होगा।



