श्रद्धालुओं ने किए पादप्रक्षालन, मुनि संघ का शहर में जुलूस निकाला
Deoli News 3 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) जैन मुनि प्रणीत सागर महाराज एवं क्षुल्लक विधेय सागर के ससंघ ने गुरुवार सुबह बारिश के बीच देवली में मंगल प्रवेश किया। इस दौरान जैन मुनियों के स्वागत में श्रद्धालु उमड़े। णमोकार मण्डल के सदस्य धर्मचन्द जैन (साँडला) एवं ओमप्रकाश जैन (टोरडी) ने बताया कि मुनि संघ ने यहां स्मृति परिवर्तन चातुर्मास को लेकर सुबह 8 बजे जहाजपुर चुंगी नाके से देवली में प्रवेश किया।
यहां समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मुनि संघ की अगवानी की। चुंगी नाके से जुलूस के रूप में मुनि संघ का नगर प्रवेश करवाया गया। इस दौरान श्रावक जैन धर्म के भजनों पर नाचते गाते हुए, नारे लगाते हुए चल रहे थे। वही पूरे शहर को स्वागत द्वार एवं डेकोरेशन से चन्द्रप्रभु मन्दिर तक सजाया गया। दिगम्बर जैन अग्रवाल समाज के अध्यक्ष सहित जैन समाज के अन्य मन्दिर के अध्यक्षों ने भी मुनि संघ की अगवानी की एवं पाद प्रक्षालन किया।
मुनि संघ ने सदर बाजार होते हुए चन्द्रप्रभु भगवान मन्दिर, मुख्य बाजार से महावीर मन्दिर से पुनः मुख्य बाजार से विवेकानंद कॉलोनी स्थित शांतिनाथ भगवान मन्दिर के दर्शन किए एवं वहाँ से चातुर्मास स्थल पार्श्वनाथ धर्मशाला में मंगल प्रवेश किया। युवा परिषद मीडिया प्रभारी विकास जैन (टोरडी) ने बताया कि मुनि ने चातुर्मास स्थल पर पहुंचकर धर्मसभा को सम्बोधित किया। प्रवचन से पूर्व शांतिनाथ भगवान, विराग सागर महाराज एवं विशुद्ध सागर महाराज का चित्र अनावरण किया गया। इसी के साथ दीप प्रज्वलन एवं मुनि का प्रक्षालन किया गया।
मुनि का पादप्रक्षालन दिगम्बर जैन अग्रवाल समाज अध्यक्ष बंशीलाल सर्राफ, महावीर मन्दिर अध्यक्ष पदम चंद पाटनी, आदिनाथ मन्दिर अध्यक्ष ललित, पार्श्वनाथ मन्दिर अध्यक्ष संजय पापड़ीवाल, शांतिनाथ मन्दिर अध्यक्ष अनिल जैन, चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष बाबूलाल जैन नासिरदा, महामंत्री घीसालाल जैन, मंत्री नेमीचंद जैन, जितेंद्र मित्तल ने किया। मुनि संघ को शास्त्र भेंट किया गया। जैन मुनि ने धर्मसभा में चातुर्मास के महत्व पर प्रकाश डाला।



