Deoli News 17 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) श्राद्ध पक्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा 18 सितम्बर से शुरू होकर आश्विन कृष्ण अमावस्या 2 अक्टूबर तक रहेंगे। अपराह्न काल समान्यता दोपहर 1ः38 से शाम 4ः05 बजे तक रहता है। यदि इस समय कोई तिथि रहती है तो उसी समय श्राद्ध करने का विधान बताया गया है।
पं कुलदीप शर्मा ने बताया कि इस दौरान 18 सितम्बर को प्रतिपदा के श्राद्ध शुरू होंगे। इसी तरह 19 सितम्बर को द्वितीया का श्राद्ध, 20 को तृतीया, 21 को चतुर्थी, 22 सितम्बर को पंचमी का श्राद्ध, कृतिका नक्षत्र का श्राद्ध, 23 सितम्बर षष्ठी व सप्तमी का श्राद्ध, 24 को अष्टमी, को 25 सितम्बर नवमी का श्राद्ध, सौभाग्यवती श्राद्ध (ऐसी विवाहित स्त्रियां जिनकी मृत्युतिथि ज्ञात न हो) किया जाएगा। इसी प्रकार 26 सितम्बर को दशमी का श्राद्ध, 27 को एकादशी का श्राद्ध, 28 सितम्बर को कोई श्राद्ध नहीं है। इनके अलावा 29 सितम्बर को द्वादशी का श्राद्ध, सन्यासियों का श्राद्ध, मघा नक्षत्र का श्राद्ध, 30 सितम्बर को त्रयोदशी का श्राद्ध, एक अक्टूबर चतुर्दशी का श्राद्ध, विष-शस्त्रादि से मृतकों का श्राद्ध व 2 अक्टूबर को पूर्णिमा-अमावस्या का श्राद्ध, सर्वपिृत श्राद्ध (अज्ञात मृत्युतिथि वालों का भी श्राद्ध इसी दिन किया जाएगा। शास्त्रों में विधान है अपने पूर्वजों का श्राद्ध करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और परिजनों को उनका आशीर्वाद मिलता है।



