Deoli News 21 दिसंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) देवली में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण महोत्सव में श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण रुक्मणी का पूजन कर नृत्य किया। कथा के दौरान प्रिया किशोरी ने कहा कि मां यशोदा ने जब श्रीकृष्ण के मिट्टी खाने की शिकायत पर मुंह खुलवाया तो श्रीकृष्ण ने मय्या यशोदा को समूचा ब्रह्माण्ड दिखा दिया।
वहीं यशोदा द्वारा संसार को चलाने वाले कन्हैया को उखल से बांधने का प्रसंग सुनाया। नंद बाबा द्वारा श्रीकृष्ण के जीवन का खतरा बताते हुए बैलगाड़ी से ग्वाल बाल के साथ वृंदावन जाना, कन्हैया का जिद कर जंगल में गाय चराने जाना, नीचे बैठकर ग्वालों के साथ रूखा सूखा भोजन खाना आदि को देखकर भगवान ब्रह्माजी को भ्रम हुआ कि यह भगवान नहीं हो सकते हैं। श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में कंस द्वारा धेनुकासुर व आघासुर को भेजना, ग्वाल बालों को बचाकर आघासुर का उद्धार करना, यमुना के किनारे जाकर कालिया नाग का मर्दन कर उद्धार करना, गोपियों का कात्यायनी देवी की पूजा से पहले स्नान करते वक्त निर्वस्त्र होना, कन्हैया द्वारा गोपियों के वस्त्र चुराना, गोपियों से निर्वस्त्र नहीं होने का वचन लेकर वस्त्र देने सहित प्रसंग सुनाए। इस दौरान श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह का महोत्सव मनाया गया। महिलाओं ने जमकर नृत्य किया, कथा का समापन आरती व प्रसाद वितरण के साथ हुआ।



