Deoli News 11 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के अटल उद्यान से सटी कॉलोनी से करीब 4 दिन पहले चुराई गई हैरियर कार की चोरी अजीबो गरीब पहेली बनी हुई है। पड़ताल में पता लगा कि कार चोर हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर में मास्टर था।
हालांकि वह कार चुराते समय कार में बज रहे अलार्म को बंद करने में असफल रहा। लेकिन जिस तरीके से उसने कार को स्टार्ट किया। वह कोई आसान काम नही था। सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से पता लगा है कि चोर ने कुछ मिनटों में ही कारगुजारी को अंजाम दिया, ये कोई पेशेवर चोर का काम है। कार चोर एक ही था, जैसा कि फुटेज में नजर भी आ रहा है। उसी ने पहले बाई साइड के पिछले हिस्से से कोई ” सॉल्यूशन” या ” कटर” का इस्तेमाल कर कार के शीशे को उतारा, जो टूट गया और फिर उसी रास्ते वह भीतर दाखिल हुआ।
फुटेज के मुताबिक जब उसने ड्राइविंग सीट पर बैठकर किसी पायरेटेड साफ्टवेयर से कार को स्टार्ट करने का प्रयास किया तो दो बार अलार्म बजा। लेकिन इसी दरम्यान उसने ज्यादा विलम्ब नही किया और लगातार अलार्म के बजने के बावजूद कार स्टार्ट कर चुरा ले जाने में सफल हो गया। टाटा मोटर्स के विशेषज्ञ के मुताबिक कार चोर लगातार अलार्म के बजने को रोक पाने में तो सफल नही हुआ और वह उसे दौड़ाकर ले गया। लेकिन अनुमान है कि कार अलार्म बजाती हुई निकली तो लोगो का ध्यान आकर्षित हो सकता है। लिहाजा कार चोर गिरोह ने चुराई कार को किसी बड़े वाहन में चढ़ाकर लिया हो, ऐसी आशंका जताई जा रही है।
यह कार वारदात की रात 2 बजकर 10 मिनट पर पीर बाबा के बाहर से गुजरती दिख रही है। वही साथ मे छोटी कार भी है। सर्द रातों में यद्दपि लोग रजाई में दुबके हुए होते है। लेकिन गौशाला रोड से गुजरने के बाद कार का अलार्म सुनने को नही मिला। ऐसे में ये आशंका है कि कार चोर गिरोह कार को किसी बड़े वाहन में डालकर ले गए तथा बड़े वाहन में चढ़ाने के बाद कार बंद करने से बज रहा अलार्म भी बंद हो गया। जानकारों का मानना है कि कार चोर गिरोह में कोई ऐसा व्यक्ति था, जो कार के हार्डवेयर व साफ्टवेयर का जानकार था। इस बात की पुष्टि इसलिए होती है कि बिना सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर की जानकारी के अभाव में वह कार स्टार्ट नही कर सकता था।
जानकारों की माने तो जयपुर शहर में तीन महीनों के भीतर ऐसी कुछ घटनाएं हुई है। जिसके अंतर्गत बड़ी कारो की चोरी हुई है।


