Monday, April 20, 2026
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…हो सकती है पूर्व रंजिश, घायल ने दी अपहरण व हत्या की रिपोर्ट


Deoli News 20 दिसंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के जयपुर रोड पर गुरुवार रात कार में गोली मारने की घटना के बाद में अपहृत युवक की हत्या को लेकर घायल संतोष कुमार पुत्र शक्ति सिंह उर्फ सिंगा निवासी पोल्याड़ा थाना दूनी ने देवली थाने में रिपोर्ट दी है।

रिपोर्ट में बताया कि संतोष कंजर के मोबाइल पर गुरुवार शाम 6:30 बजे इंटरनेशनल नंबर से कॉल आया। जिसमें कहा कि उस व्यक्ति के तीन आदमी देवली बस स्टैंड पर खड़े हैं। यह कॉल व्हाट्सएप कॉल थी। जबकि इससे पहले दो सप्ताह से उनकी आपस में बातचीत हो रही थी। इसके बाद संतोष अपने जीजा कमल पुत्र रामनिवास कंजर निवासी घाड़, पोल्याड़ा एवं बीरू पुत्र श्रीचंद कंजर निवासी पोल्याड़ा के साथ बलेनो कार लेकर देवली के लिए रवाना हुए। रिपोर्ट में बताया कि तीनों जने बस स्टैंड पहुंचे तो पंजाब से आए उन लोगों ने शुरूआत में कार में बैठने से मना कर दिया। वही संतोष ने आए हुए फोन नंबर पर बताया कि यह कार में नहीं बैठ रहे। बाद में तीनों जने बैठ गए। इसके बाद सिद्धार्थ होटल के करीब जाते हैं। गाड़ी में गोली चली। उक्त घटनाक्रम के वक्त संतोष कार के खलासी साइड में बैठा था। जबकि बीरू कार चला रहा था। वही कमलेश कार में पीछे की सीट पर बैठा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

पूर्व ठगी की हो सकती है रंजिश

पुलिस का मानना है कि यह घटनाक्रम पूर्व में हुई किसी प्रकार के लेनदेन एवं ठगी से जुड़ा हो सकता है। गौरतलब है कि पोल्याड़ा गांव में सस्ता सोना देने के नाम पर अब तक दर्जनों नहीं, सैकड़ो वारदात हो चुकी है। जहां लोगों को पहले सस्ता सोना देने के नाम पर बुलाया जाता है। बाद में उन्हें में से कुछ लोग पुलिसकर्मी बनकर आते हैं और खरीददार को डरा धमकाकर उससे रुपए एठ लेते हैं। अब तक अकेले पंजाब के कई मामले ऐसे हैं। जिसमें लोग ठगे जा चुके हैं। लिहाजा पुलिस अधिकारी भी पूर्व में हुई ठगी को इस घटना की वजह मान रहे हैं। फिर भी आरोपियों के पकड़े जाने के बाद सही बात का खुलासा होगा।

निष्क्रिय है पोल्याड़ा चौकी

दरअसल राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पोल्याड़ा गांव के बाहर दूनी थाना पुलिस की चौकी स्थापित है। इस चौकी का अहम उद्देश्य भी यही है कि यहां होने वाली ठगी की वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके। लेकिन चौकी निष्क्रिय होने की वजह से इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। अधिकांश वक्त चौकी पर ताले लगे रहते हैं और पुलिसकर्मी इधर-उधर नोटिस तामील में चले जाते हैं। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर डिवाइडरों के बीच इस तरह की ठगी होने के सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। बावजूद इसके इस गांव के कुछ लोग भोले भाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। यदि पोल्याड़ा चौकी पुलिस सक्रिय होती तो आरोपी चौकी के सामने ही शायद पकड़े जाते हैं। बता दे कि इस गांव में नशे का व्यापार भी बहुत अधिक है। इस प्रकरण का पता पिछले दिनों एक युवक की हत्या के बाद हुआ था।

जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर उक्त चौकी के बाद सरोली मोड़ चौकी भी आती है। लेकिन पंजाब से आए लोग कार को ठेठ मेहंदवास बाईपास तक ले गए। समाचार लिखे जाने तक मृतक का पोस्टमार्टम जारी है। वही चिकित्सक गोली ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले डेढ़ घंटे से मेडिकल बोर्ड के चिकित्सक शव में लगी गोली ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं।

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