Deoli News 1 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर में होली की तिथियों को लेकर व्याप्त भ्रम को दूर करने के लिए व्यापार महासंघ समेत संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
व्यापार महासंघ की बैठक में पंकज जैन सर्राफ़ की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि होलिका दहन 2 मार्च (सोमवार) को मध्यरात्रि 1:25 बजे होगा। बैठक में बताया कि काशी विश्वनाथ और सांवरिया सेठ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की परंपरा के अनुरूप धुलंडी (रंगों की होली) 4 मार्च को मनाई जाएगी। निर्णय के दौरान सुनील कुमार, चंद्रभान गोयल, मुकेश गोयल, सुरेंद्र डिडवानिया, विनोद साहू सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
महासंघ ने सभी व्यापारियों और शहरवासियों से इसी तिथि अनुसार हर्षोल्लास के साथ त्यौहार मनाने की बात कही है। इसी तरह गुरु कृपा संस्थान देवली के पं मुकेश गौतम ने स्पष्ट किया कि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण के कारण मंदिरों के पट बंद रहेंगे और सूतक के चलते भगवान को गुलाल नहीं चढ़ाया जा सकेगा। होलिका दहन 2 मार्च को होगा। जबकि 4 मार्च को धूलंडी होली खेली जाएगी। इसी तरह शनिवार रात छतरी चौराहे स्थित शिव मंदिर में भी सर्व समाज के कई लोगों की मौजूदगी में बैठक हुई। इसमें भी यही निर्णय लिया कि 2 मार्च को विधि विधान व तय मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन होगा। जबकि 4 मार्च को होली खेली जाएगी। लिहाजा अधिकांश मत होली खेलने का 4 मार्च सामने आ रहा। इससे पहले देवली का जलदाय विभाग भी 4 मार्च को ही जलापूर्ति किए जाने की घोषणा कर चुका है।



