Deoli News 31 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) नासिरदा हिसामपुर के समीप राणक्या बालाजी मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक पं देवकिशन शास्त्री ने कहा कि भगवत भजन से ही व्यक्ति नर से नारायण बन सकता है। कर्म फल प्रधान हैं।

कर्मों के फल को विधाता भी नहीं रोक सकता है। मनुष्य को हमेशा सत्कर्म करते रहना चाहिए। कथावाचक ने कहा कि आज की दुनिया बिना झूठ के आगे नहीं चलती है, लेकिन जीत सत्य की होती है। साथ ही नारदजी की सजीव झांकी के साथ नारद चरित्र की महिमा सुनाई और बताया कि कैसे एक दासी का पुत्र होकर भगवद भजन करके नारदजी नर से नारायण बन गए। कथा के दौरान शुकदेव जन्म के साथ परीक्षित जन्म एवं परिक्षित को दिए गए श्राप की कथा सुनाई। कथा राणक्या हनुमानजी के दरबार में प्रतिदिन दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक हो रही है।



