Deoli News 28 अगस्त (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) दसलक्षण पर्व नासिरदा के श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में समाज की ओर हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसके तहत शुक्ल पंचमी गुरुवार को समाज के लोगों ने उत्तम क्षमा धर्म की विशेष पूजा-अर्चना की।
ध्यानतराय ने दसलक्षण पूजन में उत्तम क्षमा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि “गाली सुन मन खेद न आनो, गुण को औगुण कहे अयाने।” इसका अर्थ है कि किसी के कटु वचनों या गलत व्यवहार पर मन में कोई दुख नहीं लाना चाहिए, बल्कि क्षमा भाव रखना चाहिए। उन्होंने यह भी समझाया कि यदि कोई हमारी वस्तु छीन ले, मारे या घर से निकाल दे, तब भी हमें उनसे बैर नहीं रखना चाहिए। मंदिर में प्रतिदिन की तरह सुबह सबसे पहले मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ और आदिनाथ भगवान का कलशाभिषेक किया गया। समाज के महामंत्री राजेश कुमार कटारिया ने बताया कि प्रथम अभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य जय कुमार चौधरी, सुशील कुमार, नयन कुमार और बाबूलाल डोसी को मिला। इससे पहले शाम को मंदिर में विशेष आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



