Thursday, April 23, 2026
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HomeDainik Bureau Deskरमजान के अंतिम 'अशरे' की फजीलत पर प्रकाश डाला

रमजान के अंतिम ‘अशरे’ की फजीलत पर प्रकाश डाला

“दावत-ए-इफ्तार”


Deoli News 15 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) माहे रमजान अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर है, लेकिन शहर में रोजा इफ्तार पार्टियों का उत्साह अपने चरम पर दिखाई दे रहा है। देवली के विभिन्न क्षेत्रों में समाजसेवियों द्वारा रोजेदारों और नमाजियों के लिए दावत-ए-इफ्तार के आयोजन किए जा रहे हैं।

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जहां लोग सामूहिक रूप से रोजा खोलकर भाईचारे की मिसाल पेश कर रहे हैं। इसे लेकर शहर के डॉ. मुश्ताक अहमद द्वारा सीआईएसएफ मस्जिद में एक रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। यहां सैकड़ों की संख्या में रोजेदारों और नमाजियों ने शिरकत की और एक साथ बैठकर खुदा से दुआएं मांगी। इस मुबारक मौके पर हाफिज कारी मुकीम रजा ने रमजान के अंतिम ‘अशरे’ (अंतिम दस दिन) की फजीलत पर रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि रमजान की 21वीं, 23वीं, 25वीं, 27वीं और 29वीं रातें ‘लैलातुल कद्र’ यानी शब-ए-कद्र की पवित्र रातें होती हैं।

जिनमें की गई इबादत का दर्जा सबसे ऊंचा है। उन्होंने कहा कि इन रातों में खुदा की विशेष इबादत करें और समाज के जरूरतमंद तबके तक राहत किट, ईद किट, जकात और फितरा पहुंचाएं। जिससे कि जरूरतमंद लोगों के घरों में भी त्यौहार की खुशी मनाई जा सके।

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