ई-केवाईसी की शर्त ने रोकी हजारों रसोई की गैस
@ आशीष बागड़ी
Deoli News 16 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) गैस सिलेंडरों की डिलीवरी को लेकर इन दिनों उपभोक्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं तेल कंपनियों के सख्त रुख और ई-केवाईसी की अनिवार्यता ने हजारों घरों के चूल्हों पर संकट खड़ा कर दिया है। मोहन गैस एजेंसी के प्रबंधक पंकज शर्मा ने साफ किया है कि जब तक उपभोक्ता के अंगूठे का निशान यानी बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा नहीं होगा।

तब तक सिलेंडर की डिलीवरी संभव नहीं है। यह नियम केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि गैस आपूर्ति की अनिवार्य शर्त बन गया है, जिसके उल्लंघन की अनुमति किसी भी वितरक को नहीं दी गई है। प्रबंधक नीरज शर्मा ने बताया कि ताजा आंकड़ों के अनुसार अकेले मोहन गैस एजेंसी के अंतर्गत आने वाले उज्ज्वला योजना के 890 उपभोक्ताओं ने अभी तक अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। इसके अलावा सामान्य श्रेणी के 3 हजार 231 उपभोक्ता भी ऐसे हैं जिन्होंने बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद ई केवाईसी को नजरअंदाज किया है। अब कंपनी के निर्देशों के चलते इन सभी करीब 4 हजार 121 उपभोक्ताओं की सिलेंडर डिलीवरी तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। इस क्राइसिस के बीच एजेंसी प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना तकनीकी सत्यापन के सॉफ्टवेयर किसी भी उपभोक्ता की बुकिंग को स्वीकार नहीं करेगा।
प्रबंधक ने बताया कि यदि किसी मूल कनेक्शन धारक की मृत्यु हो चुकी है, तो उनके आश्रितों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसी स्थिति में केवल ई-केवाईसी कराना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि सबसे पहले कार्यालय जाकर कनेक्शन को वारिस के नाम पर ट्रांसफर (नाम परिवर्तन) कराना होगा। इसके बाद ही नए सिरे से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी, ताकि भविष्य में सिलेंडर की डिलीवरी सुचारू रूप से हो सके। एजेंसी ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपने अंगूठे का निशान अपडेट कराएं, ताकि उन्हें इस किल्लत का सामना न करना पड़े।




