Deoli News 23 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में अष्टानिका महापर्व के तीसरे दिन गुरुवार को मुनि वैराग्य सागर और मुनि सुप्रभ सागर के सानिध्य में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन हुआ।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ 32 अर्घ्य समर्पित किए। मुनि सुप्रभ सागर ने बताया कि ये 32 अर्घ्य मूल रूप से सिद्ध परमेष्ठी के गुणों और षोडश कारण भावनाओं से जुड़े होते हैं, जो आत्मशुद्धि, संयम, सदाचार और आध्यात्मिक उन्नति का संदेश देते हैं। इस अनुष्ठान के माध्यम से श्रद्धालुओं ने जीवन में सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र को अपनाने की प्रेरणा प्राप्त की। अनुष्ठान की शुरुआत अभिषेक, शांतिधारा, मुनि पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट के साथ हुई, जिसमें राजेंद्र कुमार और प्रदीप कुमार लुहाड़िया ने मुख्य सहभागिता निभाई।
विधान में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने जिनेन्द्र देव की आराधना कर विश्व शांति, समाज की उन्नति और प्राणियों के कल्याण की कामना की।


