व्यापारिक व सामाजिक संगठनों ने एसडीओं को सौंपा ज्ञापन
Deoli News 27 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राजकीय उप जिला चिकित्सालय देवली के नए भवन को शहर से बाहर स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के बीच विरोध में सोमवार को देवली के व्यापारिक, सामाजिक, धार्मिक एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि उप जिला चिकित्सालय का नया भवन शहर की सीमा के भीतर ही बनाया जाए, ताकि आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तरह सुगमता से मिलती रहें। ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान उप जिला चिकित्सालय शहर के मध्य स्थित होने से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के हजारों लोगों को आसानी से चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। यदि अस्पताल को शहर से दूर स्थानांतरित किया गया तो आपातकालीन मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं, गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगजनों और बच्चों को समय पर उपचार मिलने में कठिनाई होगी। गंभीर परिस्थितियों में अस्पताल तक पहुंचने में होने वाली देरी जनहानि का कारण भी बन सकती है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि नगर पालिका मंडल द्वारा पूर्व में चिन्हित भूमि शहर से काफी दूर है। वहां तक पहुंचने वाला मार्ग संकरा है तथा मुख्य सड़क और लिंक रोड से सीधा संपर्क भी पर्याप्त नहीं है। ऐसे में भविष्य में मरीजों और एम्बुलेंस की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी।
वहीं शहर के मध्य ऐसी सरकारी भूमि उपलब्ध है, जहां वर्तमान में कोई उपयोगी कार्य नहीं हो रहा है और उनमें से किसी एक स्थान पर आधुनिक उप जिला चिकित्सालय का निर्माण किया जा सकता है। ज्ञापन में बताया कि गत 2 जून को भी करीब पांच हजार शहरवासियों के हस्ताक्षरयुक्त मांगपत्र प्रशासन को सौंपा गया था। इसके बावजूद यदि अस्पताल को शहर से बाहर स्थानांतरित किया गया तो इससे जनभावनाओं की अनदेखी होगी और व्यापक जनआंदोलन की स्थिति बन सकती है। लोगों ने मुख्यमंत्री से जनहित को सर्वोपरि रखते हुए उप जिला चिकित्सालय का निर्माण शहर के मध्य ही कराने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने में श्री व्यापार महासंघ अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, जितेंद्र चौधरी, सत्यनारायण साहू, प्रेमचंद शर्मा, लक्ष्मीकांत पारीक, नोरत, बनवारी मंगल, तनसुख बैरवा, सीताराम गर्ग, विनोद धर्माणी, अशोक दुबे, संजय सिंहल, पायल बाई किन्नर समेत मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व सुबह 10 बजे पहला पक्ष पूर्व में आवंटित जगह पर ही अस्पताल बनाने की मांग कर चुका है।


